कृषकों की प्राथमिकता सर्वोपरिः डॉ जे.एस.मिश्र

जबलपुर। खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर द्वारा कृषको के हित में भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं नये कृषि कानूनों की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से दिनांक 29 दिसम्बर 2020 को निदेशालय परिसर में जबलपुर तथा आस-पास के क्षेत्रों के कृषको हेतु नए कृषि कानूनों पर बौधिक परिचर्चा का आयोजन किया गयाबौधिक परिचर्चा को संबोधित करते हुए निदेशालय के निदेशक डॉ.जे.एस. मिश्र ने कहा कि भारत सरकार द्वारा कृषक बंधुओ की आवश्कताओ और सुविधाओं के अनुरूप अनेक योजनाओ का क्रियान्वयन प्राथमिकता से किया जा रहा है। कृषक आपने फसल उत्पादन को अपनी मर्जी से अपने राज्य या अन्य राज्यों में खरीद एवं बेच सकते है एवं फसल उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त कर सकते है। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि कृषको के फसल उत्पाद को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचे जाने के तीन दिनों के अंदर उत्पाद का भुगतान प्राप्त हो जाएगाश्री मिश्र ने बताया कि ठेका कृषि पद्धति में ठेकेदार द्वारा कृषकों से सिर्फ फसल हेतु अनुबंध किया जाएगा। अनुबंध में जमीन को सिर्फ लीज पर लिया जा सकेगा तथा कृषि उपज के उचित खरीद मूल्य का उल्लेख किया जाना आवश्यक होगा। हमारे देश में 80 फीसदी छोटे किसान है जिनकी जोत एक-दो एकड़ की है। सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनका बहुत बड़ा लाभ इन छोटे किसानों को हो रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए 6 हजार रूपयं सलाना कृषक बंधुओ को देने के पीछे यही मकसद है कि मुश्किल वक्त में आप कर्ज न लेंइसके साथ ही फसल बीमा कवच आपको प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसल की भरपाई करता है। मृदा स्वास्थ कार्ड से किसान को अपनी जमीन की सेहत का सही पता चल रहा है तो नीम कोटिंग यूरिया ने खाद की कालाबजारी पर लगाम लगाकर किसानों को बहुत बड़ी राहत दी हैं। अन्नदाता ऊर्जावान बने, देश इस लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा हैं। डॉ. के.के. बर्मन, प्रधान वैज्ञानिक ने कृषक बंधुओ को नए कृषि कानूनों की भ्रान्तियों पर संवाद करते हुए इसके कानूनी पहलुओं की विस्तार से जानकारी प्रदान कीपरिचर्चा में निदेशालय के वैज्ञानिको/ अधिकारियों द्वारा कृषक बंधुओं से परिचर्चा करते हुए उचित जानकारियां प्रदान की। मंच संचालन डॉ. शोभा सौंधिया, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा किया गया।



