परिरूद्ध बंदियों के हितार्थ विधिक साक्षरता शिविर का हुआ आयोजन

जबलपुर दर्पण। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के तत्वाधान में एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उमाशंकर अग्रवाल के निर्देशन, तथा जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सहायता अधिकारी मोहम्मद जिलानी, रेडक्रॉस सोसायटी से सुनील गर्ग एवं तेज सिंह ठाकुर, विधिक छात्रा हिमांशी पाराशर तथा 45 विचाराधीन बंदियों एवं 15 दण्डित पुरूष बंदी तथा 04 पैरालीगल वॉलेन्टियर्स दण्डित पुरूष बंदी एवं 02 पैरालीगल वॉलेन्टियर्स दण्डित महिला बंदी सहित कुल 66 बंदियों की उपस्थिति में को बंदियों के हितार्थ अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर केन्द्रीय जेल जबलपुर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कोविड-19 महामारी के मार्गदर्शी सिद्धांतो का पालन करते हुए किया गया। जिला विधिक सहायता अधिकारी मोहम्मद जिलानी द्वारा बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी दी गई। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उमाशंकर अग्रवाल द्वारा बंदियों को नशा से दूर रहने हेतु प्रेरित किया गया, साथ ही मान्नीय उच्चतम न्यायालय नईदिल्ली द्वारा सोनाधर मामले में दिये गये निर्देशों के पालन में 14 वर्ष से अधिक समय से परिरूद्ध बंदियों के समय-पूर्व रिहाई हेतु जेल द्वारा की गई कार्यवाही की मॉनीटरिंग की जाकर बंदियों की काऊसंलिंग भी की गई। उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश द्वारा जेल में बंदियों की नियमित कार्यप्रणाली की जानकारी से अवगत कराया गया। सहायक जेल अधीक्षक श्री हिमांशु तिवारी द्वारा जेल में संचालित विधिक सहायता की जानकारी दी गई। रेडक्रॉस सोसायटी से श्री सुनील गर्ग द्वारा जेल में संचालित नशा मुक्ति केन्द्र के उद्देश्य एवं नशा से विरक्त होने के संबंध में बतलाया गया। शिविर में दण्डित बंदी द्वारा नशा मुक्ति के संबंध में स्वयं द्वारा लिखित कविता का गायन किया गया एवं बंदियों द्वारा देशभक्ति गीत का गायन भी किया गया। जिसके उपरांत मान्नीय द्वारा जेल का भ्रमण भी किया गया। शिविर में मंच का संचालन सहायक जेल अधीक्षक आर.एम. उपाध्याय द्वारा किया गया। शिविर का आयोजन लेखापाल राहुल चौरसिया, विवेकानन्द शर्मा एवं अन्य जेल स्टाफ तथा जेल पैरालीगल वॉलेंटियर्स की उपस्थिति व सहयोग में सम्पन्न हुआ।



