वेयर संचालकों ने अपने भुगतान के लिए किया सत्याग्रह
साहब कह रहे सॉफ्टवेयर की वजह से हो रही है देरी।
जबलपुर। सरकारी विभागों में भुगतान के लिए की जा रही देरी के चलते वेयरहाउस संचालकों की हालत खराब होती जा रही है उनके घर और प्रॉपर्टी जो बैंक के पास गिरवी रखी है। बैंक उसे सीज करने पर उतारू है। लेकिन सरकारी अधिकारी उनके बकाया राशि का भुगतान समय पर नहीं कर पा रहे हैं।यह कहना है वेयरहाउस संचालकों की ओर से सुशील शर्मा का। अपने एकदिवसीय धरने के दौरान वेयरहाउस संचालकों ने अधिकारियों से शीघ्र भुगतान की मांग की है। यदि लंबित भुगतानों की बात करें तो बीते 2 वर्षों में कुल लगभग ₹34 करोड़ की राशि वेयरहाउस संचालकों की बकाया है। इस एक दिवसीय हड़ताल के चलते अधिकारियों ने यह संचालकों को 1 सप्ताह में 6 करोड रुपए दिए जाने का आश्वासन दिया है और साथ ही यह भी कहा है कि 2 करोड रुपए आज ही इन संचालकों के खातों में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। शेष पैसे भी जल्द वेयरहाउस संचालकों को दे दिए जाएंगे। इस संबंध में जब मीडिया ने एमपी लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक बी एस सुमन से बात की। तो उनका कहना था कि लॉजिस्टिक कार्पोरेशन जिस किसी भी अथॉरिटी का माल अपने अंतर्गत रखता है। उनसे पैसा आने के बाद ही वह वेयरहाउस संचालकों को पैसा दे पाते हैं। इस संबंध में विपणन संघ और दूसरे संस्थानों से जैसे ही पैसा आएगा। इन सभी जगहों संचालकों को पैसा दे दिया जाएगा। डीएमओ ऑफिस की तरफ से भी पैसे दिए जाने का आश्वासन मिला है।साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि विभाग का सॉफ्टवेयर अपलोड हो रहा है। इसके चलते देरी हो रही है लेकिन 1 सप्ताह के भीतर वे सभी वेयरहाउस संचालकों को छे करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया जाएगा।इस हड़ताल के चलते मीडिया ने जब जिले के विपणन संघ अधिकारी रोहित बघेल से बात करनी चाही। तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।



