विपत्ति में चिंता नहीं,प्रभु का चिंतन करो:श्रवणानंद जी महाराज

पाटन ब्यूरो/जबलपुर दर्पण। जब विपत्ति सताए मुसीबत आए तब चिंता मत करो प्रभु का चिंतन और भजन करो क्योंकि पुरुषार्थ भी आवश्यक है अतःआपत्ति से निपटने का प्रयास करो किंतु इसमें प्रभु आश्रय का बल जोड़ दो तुम्हारे प्रयास निश्चित सफलता दिलाने वाले बन जाएंगे उक्त आशय के उद्गार सिविल लाइन पाटन में चल रहे श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में उपस्थित विशाल श्रोता समूह को संबोधित करते हुए वृंदावन धाम से पधारे भागवत मर्मज्ञ संत स्वामी श्रवणानंद जी महाराज ने व्यक्त किए महाराज श्री ने भागवत की मीमांसा करते हुए कहा कि सनातन धर्म हित प्रधान है जीव का हित कैसे हो इसी के विधान हैं हमारे सद ग्रंथ! शास्त्रों में करने योग्य जो कहा गया है वही धर्म है और जिसे करने से ग्रंथ रोकते हैं वह अधर्म है।धर्म पर चलोगे तो तुम्हारा सांसारिक जीवन भी सुखी रहेगा और पारलौकिक अभ्युदय भी होगा सारे जीव सुख चाहते हैं पर सुख धर्म से प्राप्त होता है। आयोजन में बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य जन उपस्थित हो रहे हैं।



