वर्तिका संस्था ने उपनगरीय क्षेत्र व्हीकल स्टेट से अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता की अर्जित

जबलपुर दर्पण। वर्तिका संस्था ने उपनगरीय क्षेत्र व्हीकल स्टेट से अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित की है। वर्तिका की सृजनधारा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है। मुझे यह कहते हुए गौरव का अनुभव हो रहा है, कि वर्तिका के सदस्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नगर का नाम गौरवांवित कर रहे हैं, तदाशय के उद्गार ‘वर्तिका काव्य महोत्सव’ एवं ‘काव्य पटल लोकार्पण’ के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विजय तिवारी ‘किसलय’ द्वारा जानकीरमण महाविद्यालय में आयोजित वर्तिका काव्य महोत्सव में व्यक्त किये गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार मदन श्रीवास्वत ने की। उन्होंने कहा कि कविताएँ मन को प्रेरणा एवं स्थिरता प्रदान करती हैं। समारोह की सारस्वत अतिथि वरिष्ठ अतिथि कवयित्री प्रार्थना अर्गल एवं डॉ. गीता गीत थी। कार्यक्रम संयोजक विजय नेमा एवं वर्तिका के अध्यक्ष राजेश पाठक प्रवीण ने वर्तिका की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ आरती पटेल एवं आशुतोष तिवारी ने सरस्वती वंदना से किया। इस अवसर पर चंदा देवी स्वर्णकार एवं अखिलेश खरे की कविताओं के काव्य पटल का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें संतोष नेमा, निर्मला डोंगरे (सिहोरा), गणेश प्यासा, डॉ. सलपनाथ यादव, डॉ. छाया सिंह, आलोक पाठक, कुंजीलाल चक्रवर्ती, ज्योति मिश्रा, के.पी. पाण्डेय, कालीदास ताम्रकार द्वारा ग्रीष्म और वर्षा ऋतु विषयक व ओजस्वी रचनाएँ प्रस्तुत की गईं। अतिथि स्वागत रीता दास एवं रमाकांत गौतम द्वारा किया गया। कार्यक्रम संचालन आशुतोष तिवारी एवं आभार संतोष नेमा द्वारा व्यक्त किया गया।



