छलकते नैनों से बहनों ने लगाया भाईयों को टीका

दीपक तिवारी-जबलपुर दर्पण। जबलपुर-होलिका दहन के दूसरे दिन जब पूरी दुनिया होली खेल रही होती है और धुरेडी़ का त्यौहार मना रही होती है। तब ऐसे भाई और बहन जिनमें से कोई एक जेल की सलाखों के पीछे बंद हो तब उनके मन में एकअलग ही लौ जल रही होती है। एक दूसरे से मिलने की। बहन को भाई से मिलने की खुशी होती है और भाई को बहन से मिलने की। होली के दूसरे दिन जेल प्रशासन के निगरानी में आयोजित होने वाली इस मुलाकात में उस पल दोनों ही भावुक हो उठते हैं जब बहन भाई के माथे पर टीका लगाती है। भाई और बहन के बीच आखिरी मुलाकात के भावुक क्षणों का गवाह बना केंद्रीय जेल जबलपुर। 11 मार्च धुरेडी़ के दूसरे दिन जेल विभाग के डीआईजी गोपाल प्रसाद ताम्रकार के निर्देशन और देखरेख में करीब 1422 पुरुष बंदियों ने और 3893 महिला बंदियों ने अपने भाई बहनों के साथ मुलाकात की। जेल प्रांगण में आयोजित इस मुलाकात में जेल प्रशासन की तरफ से टेंट की व्यवस्था की गई थी साथ ही पीने के पानी और गुलाल आदि की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों के बीच आने वाले सभी मुलाकातियों तलाशी ली गई। इस दौरान तंबाकू और मोबाइल जैसे सामानों की जप्ती भी की गई और जेल प्रशासन की सहयोग के चलते सभी इच्छुक भाई बहनों की मुलाकात कराई गई। कतार में बैठे बंधुओं से उनकी बहने मुलाकात करती रहें जेल प्रशासन और पूरे स्टाफ का एक संवेदनशील और सकारात्मक रवैया देखने में आया।



