सरकार की दोषपूर्ण नीति कारण ऑटो चालक भूखे मरने को मजबूर

जबलपुर दर्पण। कोरोना महामारी के कारण विगत दो वर्षों से स्कूल कॉलेज बंद होने के कारण गरीब ऑटो चालक जिन्होंने घर परिवार चलाने के लिए घर के जेवर बेचकर, कर्ज लेकर ऑटो फाइनेंस कराया दुर्भाग्य यह रहा की कोरोना महामारी में लॉकडाउन के दौरान कामकाज पूरी तरह से बंद रहा ऑटो की किस्तें जमा नहीं हो पाई घर चलाना मुश्किल हो गया सरकार ने लॉकडाउन के दौरान पूंजी पतियों की बसों के परमिट में छूट दी किंतु अभागे गरीब ऑटो चालकों को कोई रियायत नहीं दी गई। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्ट ने कहा कि एक तरफ परिवहन विभाग ऑटो चालकों को सिटी परमिट नहीं देता ,दूसरी तरफ गरीब ऑटो चालक चालक फाइनेंस कराने के बाद ऑटो एजेंसियों एवं आरटीओ दलालों द्वारा गरीब ऑटो चालकों से सिटी परमिट हेतु प्रदेश परिवहन विभाग में ऑनलाइन फीस जमा करा देता है ऑटो चालक इस आशा में कि आज नहीं तो कल आरटीओ से परमिट मिल जाएगा। प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग की दोष पूर्ण नीति के कारण ऑटो चालकों को फीस जमा करने के बावजूद भी परमिट ना देना ऑटो चालकों के साथ अन्याय है ऐसी परिस्थितियों में ऑटो चालक बिना परमिट के चलाने के लिए मजबूर होते हैं ऑटो चालकों ने आर्थिक तंगी के कारण ऑटो का फिटनेस इंश्योरेंस नहीं करा पाए ऑटो चालक जब फिटनेस के लिए ऑटो लेकर निकलता है तो उसके ऑटो को जप्त किया जा रहा है आरटीओ ऑफिस के सारे कामकाज बंद कर ऑटो जप्त करने में लगा है जिसके कारण ऑटो चालक भूखे मरने को मजबूर हो गए हैं एक तरफ घर चलाना मुश्किल है दूसरी तरफ ऑटो की किश्त नहीं चुका पा रहा। प्रदेश सरकार से मांग है कि ऑटो चालकों के साथ कठोर कार्यवाही बंद करें और ऑटो चालकों को परमिट और फिटनेस हेतु एक निश्चित समय देकर सहयोग कर जीवन यापन करने में मदद करें।



