आखिर रामभक्तों की मांग के आगे झुका केंट बोर्ड

जबलपुर दर्पण । जबलपुर केंट बोर्ड सीईओ ने लिखित में दिया आदेश कि तीन दिवसीय दंगल आयोजन और एक दिन के रामलीला मंचन के लिए निशुल्क रहेगा शिवाजी मैदान पिछले कई दिनों से सदर में श्री रामलीला मंचन पर जबलपुर केंट बोर्ड सीईओ और केंट बोर्ड अध्यक्ष द्वारा सर्वप्रथम 51000 हजार का शुल्क तत्पश्चात उसे घटाकर 5100 रुपए करने के तुगलकी फरमान का विरोध श्री घनुषयज्ञ रामलीला समिति, अखाड़ा समिति एवं उनके साथ जय महाकाल संघ अंतरराष्ट्रीय बजरंग, दुर्गा समिति गणेश समितियों द्वारा शुल्क वापसी की मांग की जा रही थी और इन धार्मिक आयोजनों के लिए पूर्व की भांति शिवाजी मैदान निःशुल्क करने एवं उस आदेश को लिखित में देने सदर बंद का ऐलान किया गया था जिसमें केंट क्षेत्र के व्यापारी बंधुओं और आम जनता ने दुकानें बंद रखकर इस आंदोलन को अभूतपूर्व समर्थन देकर सफल बनाया।आम जनता और व्यापारी बंधुओं के साथ साथ रामभक्तों ने सड़कों पर निकल कर विभिन्न गलियों में भ्रमण कर प्रदर्शन करते हुए जबलपुर केंट बोर्ड कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। पुलिस के बैरिकेडिंग को तोडते हुए आक्रोशित रामभक्त केंट बोर्ड कार्यालय के सामने पहुंच कर नारेबाजी करने लगे और केंट बोर्ड कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठ गए।अंत में पुलिस प्रशासन की पहल पर केंट बोर्ड सीईओ अभिमन्यु सिंह से चर्चा कर आंदोलन कारी रामभक्तों को कार्यालय में बुलाकर बातचीत की गई और अंत में केंट बोर्ड सीईओ ने मांगों को मानते हुए श्री धनुष यज्ञ रामलीला समिति एवं अखाड़ा समिति को लिखित में आदेश दिया कि वे अपने अपने आयोजन निःशुल्क कर सकेंगे और पूर्व की भांति केंट बोर्ड व्यवस्थाएं भी करके भी देगा साथ ही आगामी समय में यह बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव पास कर दिया जाएगा। लिखित आदेश मिलने पर आंदोलनकर्ता रामभक्तों में हर्ष की लहर दौड़ गई और इतने दिनों से चल रहे खींचातानी का पटाक्षेप हुआ। इस आंदोलन को सफल बनाने में जय महाकाल संघ अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया रामकृष्ण तिवारी, हिमांशु त्रिपाठी,सुमित यादव,सनी चड्डा, विकास सराठे, मृगांक शुक्ला, अंकित मिश्रा, आशीष चोपड़ा,सतीश जाटव, विकास भरद्वाज, नरेंद्र चड़ार पहलवान, वीरेंद्र साहू,एस पी सिंह राजपूत, प्रमोद तिवारी, अभिषेक रजक, सौरभ ठाकुर इत्यादि अन्य रामभक्त कार्यकर्ता उपस्थित थे ।सदर के सभी व्यापारियों और आम जनता को अभूतपूर्व समर्थन देने के लिए हृदय से आभार एवं धन्यवाद।



