पेंशनर्स को मिले सातवें वेतनमान का एरियर्स

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी जिन्हें पेंशनर्स कहते हैँ वे विगत कई वर्षों से अपनी गंभीर समस्याओँ के निराकरण के लिए प्रयासरत हैँ उन बेचारों को वादों का झुनझुना पकड़ा दिया जाता है परन्तु उनकी मजबूरियों को समझने वाला कोई नहीं है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि राज्य के पेंशनर्स केंद्र के समान 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता की राहत प्राप्त करने और सातवेँ वेतनमान का एरियर्स जो आज तक लंबित है उसे प्राप्त करने प्रयासरत हैँ इसके अलावा पेंशनर्स उपादन राशि (एक्सग्रेसिया)लगभग 50000/- पचास हजार रूपये की भी उनकी मांग जायज है।मध्यप्रदेश अधिकारी -कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि कर्मचारी द्वारा अपने जीवन के 30 से 35 वर्ष का बहुमूल्य समय विभाग को देने और पूर्ण निष्ठा से इतनी लंबी नौकरी के बाद कर्मचारियों को अपने ही स्वात्वो को पाने के लिए इतनी मशक्कत करना कार्यालयों के चक्कर काटना एवं अपनी जायज मांगो की पूर्ति के लिए ज्ञापन देना ये सब सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष आदेश विश्वकर्मा,सुधीर गौर, मुकेश कोल,राकेश मून,ऋषि पाठक, चंद्रभान साहू, अफ़रोज़ खान, जी आर झारिया,रवि विश्वकर्मा,अजय श्रीपाल, पवन सोयाम, रामदयाल उइके, अमर सिंह, रामकिशोर इपाचे, देवीसिंह भवेदी, मदन पांन्द्रो, राजेंद्र प्रधान, सुरेंद्र परसते, दशरथ मरावी,भोगीराम चौकसे, गंगाराम साहू,अंजनी उपाध्याय,वीरेंद्र दुबे,कमल यादव,समर सिंह,नितिन तिवारी, विश्वनाथ सिंह, भास्कर गुप्ता,आकाश भील,ब्रजवती आर्मो, भागीरथ परसते, योगिता नंदेश्वर, पूर्णिमा बेन, अम्बिका हँतिमारे, राजेश्वरी दुबे, गीता कोल, अर्चना भट्ट,सरोज कोल,आसाराम झारिया,कमलेश दुबे, सुमिता इंगले, अजब सिंह, डेलन सिंह, जागृति मालवीय,प्रमोद चौबे, संदीप परिहार, पुष्पा रघुवंशी, प्रेमवती सोयाम, माया सोयाम, रेनू बुनकर, शांति टेकाम आदि ने मुख्यमंत्री कार्यालय से मांग की है कि पेंशनर्स के हितों का भी ध्यान रखना अनिवार्य है क्योंकि वर्तमान उत्तरोत्तर उन्नति करने वाला प्रदेश बनाने में इनका भी अविष्मरणीय योगदान है।


