जबलपुर में स्वीकृत उर्वरक कारखानें की स्थापना को लेकर पूर्व वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

जबलपुर दर्पण। मोदी सरकार के तत्कालीन केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री स्व. अनंत कुमार के द्वारा 5 जून 2015 को एक प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश के झाबुआ एवं जबलपुर में 5000 करोड़ रुपये की लागत से उर्वरक कारखाना स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी, और इसकी स्थापना को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही अपने हिस्से की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना थी, किन्तु प्रदेश सरकार की उदासीनता एवं जबलपुर के प्रति उपेक्षा के भाव के कारण केन्द्रीय मंत्री के द्वारा की गई घोषणा को लगभग 8 वर्ष बीत जाने के उपरांत भी इस दिशा में अबतक कोई कार्यवाही नहीं किया जाना, जबलपुर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हैं | उकताशय के उद्गार प्रदेश सरकार में पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत के द्वारा प्रधानमंत्री को प्रेषित पत्र के माध्यम से कहीं गई हैं |
श्री भनोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेषित पत्र के माध्यम से बताया कि जबलपुर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक हैं | किन्तु, पिछले 17-18 वर्षों मे जबलपुर के साथ भेदभाव कर राजनैतिक रूप से इसके प्रतिनिधित्व को कमजोर किया गया, जिसके कारण जबलपुर सर्वाधिक उपेक्षा का भी शिकार हुआ | जबलपुर में उच्च न्यायालय के साथ ही रेल्वे एवं रक्षा के क्षेत्र में अग्रणी हैं | रक्षा उत्पादन एवं सेना प्रशिक्षण से जुड़ी कई संस्थाएं जबलपुर में हैं, किन्तु उचित रोजगार के अभाव मे हमारे नौजवानों को रोजगार के लिए अपने बुजुर्ग माता-पिता और परिवार को बेसहारा छोड़कर पलायन करने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं |
श्री भनोत ने प्रधानमंत्री को प्रेषित पत्र में यह भी बताया कि पिछले दो दशकों में आवश्यकताओं के अनुरूप सरकार द्वारा जबलपुर में कोई नये संसाधन खड़े नहीं किया जा सका | प्रदेश सरकार द्वारा जबलपुर में तीन-तीन औधोगिक केंद्र एवं आई.टी. पार्क की स्थापना की गई, किन्तु उन औधोगिक केंद्रों में नई औधोगिक इकाइयों की स्थापना को लेकर उचित मार्केटिंग नहीं की गई | औधोगिक इकाइयों की स्थापना को लेकर न तो प्रदेश सरकार द्वारा कोई निवेश किया गया और ना ही बड़े निवेशकों को जबलपुर में निवेश हेतु प्रोत्साहित किया गया, जिसके कारण औधोगिक विकास की दिशा में जबलपुर लगातार पिछड़ता जा रहा हैं |
श्री भनोत ने पीएम मोदी को प्रेषित पत्र के माध्यम से आग्रह किया गया हैं कि आपके मंत्री-समूह के वरिष्ठ मंत्री और दिवंगत नेता स्व. अनंत कुमार के द्वारा जबलपुर में उर्वरक कारखाने की स्वीकृति को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी हैं | जबलपुर में उर्वरक करखानें की स्थापना से जबलपुर और इसके आसपास के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मुहैया करायी जा सकेगी, साथ ही शहर आत्मनिर्भर भी होगा और हमारे युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करने को विवश नहीं होना पड़ेगा।



