निषाद बंशीय माँझी समाज अपनी मांगें मनवाने को सरकार से अड़े

जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश माँझी जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति कटनी के द्वारा कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील स्थित निषाद भवन पर 20 अगस्त को निषाद वंशीय माँझी समाज के पदाधिकारी भोपाल, ग्वालियर, सागर, इंदौर, जबलपुर, डिंडोरी, कटनी एवं कटनी आसपास सिहोरा, रीठी, बड़गांव, ढीमरखेड़ा, स्लमनाबाद, कुंडम, बिजरावगढ़, पनागर, मझौली, पाटन, से पहुंचे हजारों की संख्या में अपनी मांगों को लेकर विचार मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया। विचार मंथन कार्यक्रम प्रांतीय संयोजक भोपाल टीकाराम रैकवार, , प्रदेश अध्यक्ष ग्वालियर केशव माँझी, प्रांतीय समन्वयक इंदौर चंद्रशेखर रायकवार, जिला अध्यक्ष जबलपुर राकेश रैकवार की उपस्थिति पर विचार मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश माँझी जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज बंधुओं को बताया कि हमारी प्रमुख तीन बिंदुओं पर सरकार से मांगे हैं। प्रथम पिछड़ा वर्ग सूची क्रमांक 12 से माँझी की पर्याय ढीमर, भोई, केवट, मल्लाह, रैकवार, आदि को विलोपित कर सूची क्रमांक 29 में जोड़कर माझी पर्याय जाती को माँझी जाति को घोषित किया जाना चाहिए। दूसरा 1 जनवरी 2018 के आदेश को संशोधन करना चाहिए । तीसरा पेशा एक्ट में संशोधन कर मछुआरों का अधिकार सुरक्षित होना चाहिए। और समाज बंधुओं को नदी तालाब पर उन्हें अपना अधिकार दिलाना। दूसरी तरफ नदी किनारे पैतृक मिट्टी एवं रेत में होने वाले व्यवसाय शकलकंद, खीरा, कलीदर, चीमड़ी, जैसी फसलों से माँझी समाज व्यवसाय हीन हो गये है। उन व्यवसायों को वापस दिलाने जैसे बिंदुओं पर चर्चा किया गया। कार्यक्रम मै माँझी समाज के बंधुओं को अवगत कराया गया की जीवन जीने का जनजाति संस्कृति माँझी समाज का स्वभाव है। मध्यप्रदेश में एक तिहाई निवास करने वाले निषाद बंशीय माँझी शिक्षित एवं जागरूक का परिचय देवे। वही एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रत्येक जिला, तहसील, गांव, मोहल्ला, मैं माँझी समाज बंधु अपनी मांगों की सरकार से आवाज उठाने की चिन्ता करें। माँझी पदाधिकारियों व समाज बन्धु एक साथ मिलकर आवाज उठाते हुए आवाहन किया। की जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक हम मांग करते रहेंगे। मौका मिला तो हम समाज बंधु मिलकर सरकार को असहयोग करने में पीछे नहीं हटेंगे। विचार मंथन कार्यक्रम में वेंकट निषाद, पवन रैकवार, दीपचंद बर्मन, उमा रैकवार, सीमा रैकवार, राम मनोहर बर्मन, ओमकार बर्मन, रामजी बर्मन, जगन्नाथ माँझी दीपक बर्मन, शिव प्रसाद माझी, भोलाराम पांडा, रामस्वरूप बर्मन, अमृतलाल दीवान, रामसिंह बर्मन, रवि बर्मन, सुधीर बर्मन, हेमंतु बर्मन, राजेश बर्मन, कोमल बर्मन, रवि बर्मन, आदि पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।



