जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

सनातन संस्कृति निरंतर है प्रवाहमान : स्वामी नरसिंहदास

जबलपुर दर्पण। भगवान के भी कष्टों को स्वंय ग्रहण कर ले वह सुदामा है, क्योंकि श्रीकृष्ण के जीवन मे आने वाली व्याधियो को स्वंय ले लिया था। गृहो की क्रूर दृष्टि से मन विचलित हो सकता लेकिन हरि स्मरण मात्र से साधक का चित्त मन मस्तिष्क और जीवन सुगम्य हो जाता है। वैदिक पूजन ,संध्या, भगवत भजन निरंतर प्रवाहमान है जो सनातन संस्कृति को निरंतरता प्रदान करते है। हरिनाम कथा प्रवाहमान है। उक्त भावुकतापूर्ण उदगार मां नर्मदा तट ग्वारीघाट के देव सिध्द शनिधाम जबलपुर मे आयोजित शनि महायज्ञ, श्रीमद्भागवत महापुराण के सप्तम दिवस सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष संवाद की व्याख्या मे पूज्य नरसिंह पीठाधीश्वर स्वामी नरसिंह दास महाराज ने व्यास पीठ से कहे।
श्री व्यास पीठ श्रीमद्भागवत जी का पूजन आचार्य जगदेव महाराज, पं प्रदीप महाराज, कामता प्रसाद, अभय द्विवेदी, डा राजीव कुमार मिश्रा, आचार्य अनूप देव महाराज, रामफल शास्त्री ,पंचम लाल, नीरज मिश्रा, विष्णु पटेल, डा संदीप मिश्रा, विध्येश भापकर, राजेन्द्र यादव, सत्यनारायण द्विवेदी, अनीश, विवेक मिश्रा, कान्हा, ध्रुवनारायण, अजय रमेश तिवारी, जगन्नाथ, रोहित त्रिपाठी, प्रवीण चतुर्वेदी, संजय शास्त्री, आदि ने किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88