कृषि व्यवसाय में अवसर विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन की सद्प्रेरणा एवं संचालक अनुसंधान सेवायें, डॉ. जी. के. कौतु के कौशल नेतृत्व में व्यवसाय प्रबंधन एवं विकास इकाई द्वारा कृषि एवं कृषि पर आधारित व्यवसायों को बढ़ावा देने हेतु तीन दिवसीय आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि व्यवसाय में अवसर विषय पर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों-सीहोर, उज्जैन, रायसेन, भोपाल से 20 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि संचालक अनुसंधान सेवाऐं डॉ. जी.के. कौतु ने किसानों को जैविक खेती के साथ-साथ प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कम भूमि पर भी किसान कई किस्मों की फसलें लगाकर कमा सकते हैं और अधिक मुनाफा कमा सकते हैं इस पर विश्वविद्यालय के जवाहर मॉडल का उदाहरण देकर किसानों को जानकारी प्रदान की है। जहां पर डॉ. मोनी थॉमस, प्रमुख वैज्ञानिक द्वारा किसानों को कम क्षेत्र में कम लागत पर अधिक से अधिक फसलों का उत्पादन और अरहर पर लाख उत्पादन कर, अपनी आय को दुगनी करने के लिए किस प्रकार से ख्ेाती में बदलाव करने चाहिए और किन नई तकनीकों के साथ खेती करना चाहिए। मंच पर संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. जी. के. कौतू, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डॉ. ए. के. सरावगी, कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान के संचालक डॉ. एस. बी. नाहतकर, सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. शेखर सिंह बघेल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डॉ. ए. के. सरावगी द्वारा किसानों को अपनी लागत में कमीं और अधिक उत्पादन लेने के लिए कृषि की नई उन्नत तकनीकों को अपनाने हेतु अग्रसित होने के लिये मार्गदर्शित किया। संचालक, कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान डॉ. एस. बी. नहातकर द्वारा कार्यक्रम में सम्मिलित सभी किसान भाईयों को कृषि से जुड़े अन्य व्यवसायों को अपनी कृषि के साथ-साथ अपनाकर अपनी आय को बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में सह. प्राध्यापक, डॉ. अनुपमा वर्मा द्वारा मंच का संचालन किया गया। कार्यक्रम के अंत में श्री दीपक पाल द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम में व्यवसाय योजना एवं विकास इकाई तथा आर.के.व्ही.वाय. रफ्तार के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।



