जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

सर्वत्र के भले की है सिख विचारधारा, सिख सम्मेलन का हुआ समापन

जबलपुर। विश्व सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर पंजाब के महासचिव ज्ञानी करनैल सिंह पंचोली ने कहा की भारत की आजादी में जहां सिखों ने बेशुमार कुर्बानियां और बलिदान दिए हैं वही देश की तरक्की में चाहे शिक्षा हो या व्यवसाय हर क्षेत्र में सिखों ने कंधे से कंधा मिलाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सर्वत्र के भले की सिख विचारधारा के तहत एसजीपीसी ने अनेक यूनिवर्सिटी कॉलेज महाविद्यालय अस्पताल डिस्पेंसरी एवं सामुदायिक केंद्रों का निर्माण कराया जिसका लाभ सिखों के अलावा हर जाति वर्ग और धर्म के लोगों को मिल रहा है। करोना काल में सिखों ने मानवता की खूब सेवा की। हाल ही में कैंसर पीड़ितों हेतु एसजीपीसी ने 15 करोड़ों रुपए खर्च किए हैं जिसका लाभ हर वर्ग धर्म के लोगों को मिल रहा है।
वे गुलजार होटल में चल रहे मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ केंद्रीय गुरु सिंह सभा के 33 में राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
श्री पंचोली ने आगे कहा की श्री अकाल तख्त अमृतसर पंजाब के जत्थेदार का चुनाव सीधे वोट द्वारा किया जाना चाहिए जिसमें दुनिया के हर एक का वोट शामिल हो। ताकि जत्थेदार बिना किसी दबाव के निष्पक्ष और वाजिब फैसला दे सकें। उन्होंने दोनों शीर्ष संस्थाओंमें किसी प्रकार के टकराव अथवा मतभेद से इनकार किया। इन्होंने गुजरात की तर्ज पर विगत 31 सालों से जिलों में बंद सिखों की रिहाई न किए जाने पर सरकार के प्रति कड़ा रोष और विरोध प्रकट किया। उन्होंने कहा गुरुद्वारों के प्रबंधन का कार्य योग्य एवं जानकार पदाधिकारियों के हाथों में होना चाहिए। उन्होंने पंथ में आ रही कमजोरियों एवं धर्मांतरण जैसी समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
सेमिनार में इतिहास वेद एवं प्रखर वक्ता डॉक्टर हरभजन सिंह पटियाला सरदार हरविंदर सिंह खालसा भटिंडा प्रिंसिपल मनजीत कौर अमृतसर ने गुरुद्वारा प्रबंधन में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी तथा आवश्यक सुधारो पर विस्तृत मीमांसा की। प्रांत अध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह भाटिया इंदौर एवं स्त्री सभा अध्यक्ष श्रीमती चरणजीत कौर ने अध्यक्षता की। जबलपुर संभाग के अध्यक्ष अवतार सिंह बांगा एवं एवं जिलाध्यक्ष अजीत सिंह नैयर ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन सरदार बरजिंदर सिंह भोपाल ने किया। तदुपरांत समूह भोज का आयोजन किया गया। दूसरे चरण में तख्त श्री पटना साहिब बिहार के सुविख्यात रागी जत्था ज्ञानी भाई सरबजीत सिंह एवं साथियों ने गुरुद्वारा प्रेम नगर में सरस गुरुवाणी कीर्तन पेश किया।

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