सत्संग में खुले सृष्टि रचना के गूढ़ रहस्य

जबलपुर दर्पण। तत्वदर्शी संत रामपाल महराज का नाम विश्व के सबसे बड़े समाज सुधारक के रूप में जाना जाता है। संत रामपाल जी ने नशामुक्ति, दहेजमुक्ति के लिए सार्थक कदम उठाए हैं। गत दिवस तहसील पाटन में संत रामपाल जी के जिला स्तरीय सत्संग का आयोजन हुआ। सत्संग में जिला जबलपुर की सभी तहसीलों से भक्त जन सत्संग का लाभ लेने के लिए पहुंचे।
सत्संग प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया गया जिसमें संत रामपाल जी ने सृष्टि रचना के गूढ़ रहस्य का विस्तार से वर्णन करते हुए बहुत ही सरल शब्दों में समझाया तथा तीन देवों ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश के माता पिता एवं आत्मा के पिता परमात्मा की जानकारी प्रदान की। संत जी ने परमेश्वर के साकार रूप का परिचय दिया। संत जी ने सत्संग में बताया कि यह माता पिता की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को परमात्मा से जोड़ें। संत रामपाल जी ने कबीरपंथ की यथार्थ जानकारी देते हुए शास्त्रों के अध्ययन करने का उपदेश दिया तथा परमेश्वर के नाम पर शास्त्रविरुद्ध साधना बताने वालों को भी तत्वज्ञान पढ़ने, समझने एवं लोगों को भ्रमित न करने का उपदेश दिया। वर्तमान समय में समय की अनुपलब्धता के कारण शास्त्रों से परिचित होने के लिए संत रामपाल जी महाराज एप की व्यवस्था भी मोबाइल प्ले स्टोर में है। संत रामपाल जी जैसे संत का यह समाज सदा ऋणी रहेगा जिन्होंने धर्म, जात- पात, लिंग आदि बंधनों से परे एक परमात्मा की भक्ति के द्वार सबके लिए खोले। उनके आदेशों एवं उपदेशों के फलस्वरूप ही उनके अनुयायियों द्वारा समय समय पर धर्म भंडारे, दहेजमुक्त विवाह, नशामुक्ति, रक्तदान शिविर, देहदान आदि किया जाता है। निश्चित रूप से आज के समय में संत जी द्वारा प्रदत्त सही तत्वज्ञान की एवं सेवाओं की मानवता को आवश्यकता है।



