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कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से करें पालन : कलेक्टर

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मझौली में जनपद अधिकारियों के साथ की बैठक

मझौली/जबलपुर। ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण न बढे इसके लिये आज गुरुवार को कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मझौली में जनपद स्तर के अधिकारियों की बैठक लेकर कोरोना की रोकथाम व बचाव की दिशा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की । तहसील कार्यालय में आयोजित इस बैठक में श्री शर्मा ने इस बार कोरोना वायरस की संक्रामकता को देखते हुये इन अधिकारियों को लोगों को न केवल जागरूक करने बल्कि कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराने की हिदायत भी दी ।


श्री शर्मा ने बैठक में कहा कि कोरोना की दूसरी लहर की विभीषिका हम देख चुके हैं, फिर से ऐसी स्थिति पैदा न हो इसके लिये हर स्तर पर सतर्कता बरतनी होगी और वो सभी कदम तत्परता से उठाने होंगे जो इसकी रोकथाम के लिये अवश्य हैं । कलेक्टर ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में यह देखने मे आया है कि कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है । लेकिन अच्छी बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में अभी इससे ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है । यही वह समय है जब हम एहतियाती कदम उठाकर संक्रमण को ग्रामीण क्षेत्र में फैलने से रोक सकते हैं । उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में बाहर से आने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखने की जरूरत बताते हुये का कि किसी मे भी लक्षण दिखाई दे तो उसे तुरन्त आइसोलेट किया जाये और जरूरत पड़ने पर उसकी सेम्पलिंग भी कराई जाये ।
कलेक्टर ने कहा कि सेम्पल की जांच में कोई पॉजिटिव आता है तो उसे घर में ही आइसोलेट किया जाये और यदि घर में पर्याप्त जगह नहीं है तब उसे तुरन्त कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट कर दिया जाये । श्री शर्मा ने कहा कि क्योंकि कोरोना का नया वेरियंट की संक्रामकता को देखते हुये कोविड केयर सेंटर में मरीजों का दबाव बढ़ सकता है । इसलिए इन सेंटरों पर सभी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित कर ली जानी चाहिये ।
उन्होंने कोरोना के संक्रमण को रोकने ग्रामीण क्षेत्र में किल कोरोना अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर ज्यादा जोर दिया । श्री शर्मा ने कहा कि यदि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की समय रहते पहचान कर ली गई तो कोरोना को फैलने से रोकने में कामयाब हो सकेंगे । लेकिन यदि संक्रमित व्यक्ति की पहचान में जरा सी भी देर हुई तो सबंधित क्षेत्र या गांव में संक्रमण को फैलने से नहीं रोका जा सकेगा । गांव में एक व्यक्ति यदि पॉजिटिव मिलता है तो तो पूरा गांव को वल्नरेबल मानकर तुरन्त सभी सावधानियां बरतनी होगी और रोकथाम एवं बचाव के लिये तुरन्त सभी जरूरी कदम उठाने होंगे ।
कलेक्टर ने बैठक में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपायों में जन समुदाय की सहभागिता को भी जरूरी बताया । उन्होंने इसके लिये ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट समितियों को भी सक्रिय करने तथा इनकी नियमित रूप से बैठक बुलाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये । श्री शर्मा ने दीनदयाल अंत्योदय समितियों को भी सक्रिय करने की बात कही । उन्होंने कहा कि गांवों में आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता, पटवारी, शिक्षक व ग्राम पंचायत सचिव को आपस मे समन्वय स्थापित कर कोरोना की रोकथाम की दिशा में काम करना होगा ।
श्री शर्मा ने बैठक में वैक्सीनेशन अभियान पर भी चर्चा की । उन्होंने सभी पात्र व्यक्तियों के वैक्सीनेशन पर बल देते हुये कहा कि 15 से 18 वर्ष के सभी बच्चों को अवश्य वैक्सीन लगवाई जाये । उन्होंने कोरोना से बुजुर्गों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिये चलाये जा रहे वृद्धजन सुरक्षा अभियान पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिये । श्री शर्मा ने कहा कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बुजुर्गों के संक्रमित होने की संभावना ज्यादा होती है । इसलिये वृद्धजन सुरक्षा अभियान में उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ-साथ बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को घर से बाहर ना निकलने की सलाह दी जाये।
कलेक्टर श्री शर्मा ने बैठक में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोरोना की जाँच हेतु सेम्पल साइज बढ़ाने के निर्देश भी दिये । उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी संक्रमित व्यक्ति की पहचान होगी, उतनी ही जल्दी संक्रमण रोकने की दिशा में कारगर कदम उठाये जा सकेंगे ।उन्होंने साफ शब्दों में अधिकारियों से कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिये तत्परता से उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करना होगा । संक्रमण से आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है । इसमें लापरवाही सम्बंधित अधिकारी-कर्मचारी को भारी पड़ सकती है ।
कलेक्टर ने कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराने की हिदायत भी अधिकारियों को दी । श्री शर्मा ने कहा कि का हर व्यक्ति मास्क लगाये और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करे अधिकारियों को हर हाल में यह सुनिश्चित करना होगा । यदि कोई मास्क नहीं लगाता है और कोरोना की रोकथाम के अनुकूल व्यवहार का पालन नहीं करता है तो उस पर सख्ती के साथ कार्यवाही करें ।

लापरवाही अधिकारी-कर्मचारी को भारी पड़ सकती है ।

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