स्टेनोग्राफरों की वेतन विसन्गति दूर की जाए

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि उपेक्षापूंर्ण और असमानता की नीति के चलते कई विभागाध्यक्ष कार्यालय के स्टेनोटाइपिस्ट एवं स्टेनोग्राफर बिना पदोन्नति और समयमान के एक ही वेतनमान में गुजारा कर रहे है। जिसके सबंध में अनेक बार कर्मचारियों एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा विभागाध्यक्ष कार्यालय में पदस्थ स्टेनोग्राफर की वेतन विसन्गति दूर कर एक समान 3600 ग्रेड पे एवं स्टेनोटाइपिस्ट से पदोन्नत स्टेनोग्राफर को निर्धारित समयमान देने हेतु निवेदन किया जा चुका है। स्टेनोग्राफर्स के समान वेतनमान वाले सहायक अधीक्षक / अधीक्षक एवम कुछ विभाग विशेष के स्टेनोग्राफर्स को भी 3600 और 4200 ग्रेड पे के आधार पर वेतन दिया जा रहा है . जबकि अधिकतर विभागों के स्टेनोग्राफर्स को इससे अछूता रखा गया है जबकि सभी की सेवा शर्त और भर्ती प्रक्रिया समान थी.
संघ ने शासन से अपील की है कि शीघ्र ही स्टेनोग्राफरों की वेतन विसंगति दूर कर 3600 ग्रेड पे के आधार पर वेतन दिया जाए और पदोन्नत स्टेनोटाइपिस्टों को निधार्रित वेतनमान दिया जाए साथ ही आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किये जाए। विभागों में स्वीकृत पद सहायक संचालक/ उप संचालक इत्यादि में पदोन्नति के रास्ते खोले जाए, जिससे कर्मचारियों में हो रही निराषा/ उदासीनता दूर हो सके। संगठन के हेमन्त ठाकरे,शहीर मुमताज़, गुडविन चाल्र्स, अनूप बघेल, दिनेष गौंड़, फिलिप अन्थोनी, राजकुमार यादव, एनोस विक्टर, सुधीर अवधिया, लक्ष्मीचंद साहू, अनूप सिंह मरकाम अषोक परस्ते, धनराज पिल्ले, विनय रामजे, एस.बी.रजक, आर.पी.खनाल, अजय मिश्रा, विनोद सिंह, रऊफ खान, गोपीषाह, अफरोज खान, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, रवि जैन, सुधीर पावेल, राॅबर्ट फ्रांसिस, आषाराम झारिया,योगेष ठाकरे, वीरेन्द्र श्रीवास, विजय झारिया आदि मांग की है



