कृषि शिक्षा में तकनीकी व कौशल का सर्वोत्तम उपयोग हेतू कार्यशाला आयोजित

जबलपुर दर्पण। जबाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. प्रदीप कुमार बिसेन की सद्प्रेरणा व डाॅ. धीरेन्द्र खरे अधिष्ठाता कृषि संकाय के मार्गदर्षन में कृषि महाविद्यालय जबलपुर के अधिष्ठाता डाॅ. शरद तिवारी के निर्देश पर कृषि महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में कृषि षिक्षण कौषल में बेहतर सुधारश् विषय पर एक दिवसीय कार्यषाला आयोजित की गई। कार्यशाला में शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने के साथ ही सुधार हेतू अधिष्ठाता डाॅ. शरद तिवारी द्वारा पाॅवर प्वाॅइंट प्रदर्षन के माध्यम से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि सैद्धांतिक व्यावहारिक शिक्षण की उपयोगिता गुणवत्ता, प्रक्टिकल परीक्षा, मिडटर्म परीक्षा एवं फाइनल थ्योरी परीक्षा में किन बातों का ध्यान रखे, कक्षा में पढ़ाने के दौरान किन बिंदुओं का ध्यान रखना आवष्यक है, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पंजीयन कौषल उन्नयन, कक्षा में छात्र व शिक्षक के बीच बेहतर तालमेल कैसे हो। वर्तमान में नई शिक्षण तकनीकी के साथ नवीन तरीकों एवं शिक्षण को लाना आवष्यक हैं। कार्यशाला में समस्त विभागाध्यक्ष डाॅ. पी.वी. शर्मा, डाॅ. एन. पी. मित्रा, डाॅ. ए. के. सरावगी, डाॅ. दीपक जायसवाल, डाॅ. आर. एस. शुक्ला, डाॅ. एस.बी. दास, डाॅ. जयंत भट्ट, डाॅ. एस. एस. षुक्ला के आलावा बड़ी संख्या में वैज्ञानिक व शिक्षकों की उपस्थिति रही।



