जबलपुर के अजय चौधरी की उल्लेखनीय कहानी हार्पर कॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित की

जबलपुरदर्पण।हार्पर कॉलिन्स इंडिया 14 मार्च 2023 को अजय चौधरी द्वारा लिखित जस्ट एस्पायर नोट्स ऑन टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड द फ्यूचर रिलीज करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जबलपुर, मध्य प्रदेश के रहने वाले अजय चौधरी, एचसीएल के छह संस्थापक सदस्यों में से एक, ने भारत को अपना माइक्रो कंप्यूटर देने के सपने के साथ चार दशक पहले एक रोमांचक यात्रा शुरू की थी। भारत में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के पायनियर ने आईटी इंडस्ट्री के तीन प्रमुख माइलस्टोन लिखेरू पीसी रिवॉल्यूशन, मोबाइल टेलीफोनी और सिस्टम इंटीग्रेशन। चौधरी, जिन्हें श्भारतीय हार्डवेयर का जनकश् माना जाता है, इलेक्ट्रॉनिक में आत्मनिर्भरता के अथक हिमायती रहे हैं। उन्होंने भारत को दुनिया का इलेक्ट्रॉनिक हब बनाने की दिशा में काम कर रही कई सरकारी समितियों में काम किया है और अब भी कर रहे हैं। उनके योगदान के लिए, उन्हें 2011 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।हाल के वर्षों में, डॉ. चौधरी स्टार्टअप्स की नर्चरिंग और उनमें निवेश कर रहे हैं, व्यक्तिगत रूप से 50 से अधिक स्टार्टअप में निवेश कर रहे हैं और भारत में अपनी तरह के सबसे बड़े इंडियन एंजेल नेटवर्क के बोर्ड में काम कर रहे हैं। वह आईएएन फंड, इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड और कैनबैंक वेंचर कैपिटल फंड की इनवेस्टमेंट कमेटी में भी हैं। यह पुस्तक चौधरी, एचसीएल के संस्थापकों में से एक और 1975 में भारत के शुरुआती स्टार्ट-अप्स का एक हिस्सा होने की उल्लेखनीय यात्रा को उजागर करती है ।अजय चौधरी ने किताब में कहा है जब मैंने अपना करियर बनाने के लिए छोटे शहर जबलपुर को छोड़ा, जहां मैं पला-बढ़ा, तो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं खुद पाथ ब्रेकिंग रिवॉल्यूशन का हिस्सा बनूंगा, जो भारत को बदल देगा।पुस्तक में मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक छोटे शहर के लड़के चौधरी की प्रेरक कहानी को बड़े सपनों और आकांक्षाओं के साथ कैद किया गया है जो, एचसीएल को बड़ा बनने में मदद की,भारत में तीन क्रांतिकारी ट्रांसफॉर्मेशन के पायनियर रहेय पीसी रिवॉल्यूशन, मोबाइल टेलीफोनी और सिस्टम इंटीग्रेशन,एक दूरदर्शी हैं जिन्होंने भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स में एक प्रोडक्ट नेशन बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।पुस्तक एक आकर्षक विवरण प्रस्तुत करती है कि कैसे भारत की सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री का जन्म हार्डवेयर से हुआ। पाठकों को एंटरप्रेन्योरशिप, लीडरशिप, सेल्समैनशिप, संस्थानों और राष्ट्रों के निर्माण और बड़े सपने देखने और बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने के लिए पर अमूल्य ज्ञान प्राप्त होगा। इस किताब से एक ऐसे व्यक्ति से सबक लेने को मिलेगा जो कि एंटरप्रेन्योर, स्पोर्ट्समैन, सेल्सपर्सन, इंजीनियर, एजुकेशनिस्ट, जैज प्रशंसक, सिंगर, और इन्वेस्टर आदि है।चौधरी भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन के सलाहकार बोर्ड के सदस्य के रूप में, साइंस एंड टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सेक्टर के कंसल्टेशन ग्रुप के एक सम्मानित सदस्य के रूप में और सेमीकंडक्टर सेक्टर के कमिटी सदस्य के रूप में भारत की विकास गाथा में योगदान देना जारी रखे हुए हैं।



