जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जनेकृविवि में दो दिवसीय मिलेट्स पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ भव्य समापन

शोध फूड पर विशेष पोस्टर प्रदर्शन एवं उत्पादों की प्रदर्शनी के प्रथम,द्वितीय और तृतीय विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानित

जबलपुर दर्पण।आजादी के अमृत महोत्सव, जी-20 के तहतराष्ट्रीय सम्मेलन मिलेट्स के ’’उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणनः समस्याएं एवं समाधान‘‘ विषय परजवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुरमें आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी का भव्य समापन कुलपति डाॅ. प्रमोद कुमार मिश्रा की अध्यक्षता एवं भारतीय किसान संघ, अखिल भारतीय संगठन मंत्रीश्री दिनेश कुलकर्णी के मुख्यआतिथ्य में हुआ। राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन अवसर के मुख्यअतिथि श्री दिनेश कुलकर्णी ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री अन्न आज के समय पर हर थाली की आवश्यकता बन गई है। मोटे अनाज के उत्पादन, प्रस्संकरण एवं निर्यात के लिये सरकार लगातार किसानों के लिये काम कर रही है। जिससे वे जागरूक हो सकें, और मोटे अनाज की अधिक पैदावार के लिये प्राकृतिक खेती को अपना कर इसकी खेती कर सकें। जिससे इसकी खेती और कम से कम लागत में हो सकें और किसानों को अधिक मुनाफा मिल सकें। श्री कुलकर्णी ने कहा कि सभी प्रकार के मिलेट्स विपरीत परिस्थितियों में भी पैदा होते है। इसमें पोषण मूल्य और गुणवत्ता अधिक पाई जाती है। उन्होंने जीआई टैग और वैरायटी एवं रजिस्टेªशन की बात पर भी जोर दिया। आपने मिलेट्स की खेती के संबंध में कृषि वैज्ञानिकों और किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी देकर इसे आज के समय की महती जरूरतबताई है।विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. पी.के. मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि दो दिवसीय मिलेट्स संगोष्ठी के आयोजन में विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्राप्त सुझाव व अनुशंसा आगामी समय में कृषकों की उन्नति व प्रगति में सहायक सिद्ध होगी।दो दिवसीस राष्ट्रीय संगोष्ठी मंे भारतीय एग्रो इकानोमिक रिसर्च संेटर के राष्ट्रीय अध्यक्ष, नई दिल्ली श्री प्रमोद चैधरी, विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. प्रमोद कुमार मिश्रा, डाॅ. आर.आर हंचीनाल,पूर्व कुलपति कृषि विवि.धारवाड़, डाॅ. पी.पी. शास्त्री, मेम्बर आईसीएआर गवर्निग बाॅडी नई दिल्ली, संचालक अनुसंधान सेवायें डाॅ. जी.के. कौतू, संचालक विस्तार सेवायें डाॅ. दिनकर प्रसाद शर्मा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डाॅ. पी.बी. शर्मा सहित आदि मंचासीन रहे। संगोष्ठी के समापन के पहले मुख्यअतिथि श्री दिनेश कुलकर्णी द्वारा मिलेट्स के उत्पादों के लगे विभिन्न स्टाॅलों को अवलोकन किया गया।मिलेट्स के मोटे अनाज पर आधारित दो दिवसीय अति विशिष्ट महत्वपूर्ण सम्मेलन में 7 तकनीकी सत्र के माध्यम से महत्वपूर्ण सारांश वैज्ञानिकों द्वारा प्रदान किया गया। इसमें मृदा स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए मिलेट्स के उत्पादन, तकनीक को तैयार किया जाए, लोकल मिलेट्स की किस्मों के संरक्षण, संवर्धन हेतु जीन बैंक तैयार किया जाए, क्षेत्र विशेष की महत्वपूर्ण फसलों एवं किस्मों को जीआईटैग दिलाने हेतु प्रयास, खाद्यान्न सुरक्षा प्रदान करने में इन सभी पोषण युक्त सुपर फूड का विशेष जोर देने की आवश्यकता है। पारंपरिक विधियों के साथ ही श्री अन्य, अन्य खाद्यान्न के साथ कैसे उपयोग किया जा सकता है। इस विषय पर विशेष कार्य करने की बात कही। वैज्ञानिकों ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में उगाई जाने वाली मिलेट्स पूर्ण रूप से प्राकृतिक एवं जैविक रूप से उगाई जाती है, अतः आगामी समय में पूर्ण जैविक एवं प्राकृतिक रूप से फसलों के उत्पादन हेतु विशेष कृषि कार्य माला तैयार कर कार्य करना होगा, इसके साथ ही उत्तम बीज की उपलब्धता एवं सही मार्गदर्शन अति आवश्यक है, उत्पादन के साथ ही इसका आम जनमानस में कैसे उपयोग किया जा सकता है, इस हेतु किसानों को जागरूक करना उत्पादन एवं प्रोसेसिंग एवं बाजार में सही मूल्य दिलाने हेतु कार्य करने की आवश्यकता है। इसकी अधिक से अधिक डिमांड बढ़े, इस हेतु शहरी क्षेत्र में मिड डे मील पोषण सुरक्षा आदि पर कार्य किया जाना चाहिये। इसके साथ ही अन्य फसलों की तरह सभी राज्यों में एमएसपी लागू करने की बात कही।किसान भाइयों ने इस दौरान विशेष रूप से अपनी बात रखते हुए कहा कि हम सभी को उत्तम गुणवत्ता का मोटे अनाजों के बीजों की उपलब्धता इनकी मार्केटिंग, प्रोसेसिंग यूनिट आदि पर विशेष रुप से कार्य करने की आवश्यकता है ताकि हम उत्पादन अच्छा कर सकें।दो दिवसीय दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर मिलेट्स की साथ टीमों के ऊपर विभिन्न शोधार्थियों द्वारा अपने अपने कार्य क्षेत्र में किए गए मिलेट्स के शोध शोध पत्रों का प्रदर्शन एवं विस्तार से जानकारी प्रदान की गई इस दौरान बेहतर शोध कार्यों हेतु वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के साथ ही विशेष रुप से मिलेट्स के प्रति आम जनमानस में जागरूकता के दृष्टिकोण से विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनी लगाई गई थी, इसमें कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से मिलेट्स पर किए जा रहे कार्यों का बेहतर प्रदर्शन एवं जानकारी प्रदान की गई। साथ ही फूड फेस्टिवल के अंतर्गत प्रदर्शनी एवं व्यंजनों की जानकारी हेतु स्टाॅल लगाए गए थे। इसमें प्रथम पुरस्कार खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को प्रदान किया गया।द्वितीय पुरस्कारस्व-सहायता समूह कुंडम से आई विशेष व्यंजन की श्रृंखला का प्रदर्शन हेतु प्रदान किया गया।मिलेट्स के विभिन्न उत्पाद एवं कृषि संबंधित जानकारी के प्रदर्शनी स्थल पर बेहतर मिलेट्स प्रदर्शनी हेतु प्रथम पुरस्कार क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र डिंडोरी को प्रदान किया गया। इसके साथ ही बेस्ट प्रदर्शनी स्टाॅल हेतु द्वितीय पुरस्कार सूक्ष्म जीव अनुसंधान एवं उत्पादन केंद्र (जवाहर जैव उर्वरक केन्द्र)जबलपुर को प्रदान किया गया।कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. अमित शर्मा एवं आभार प्रदर्शन डाॅ. ब्रजेश दीक्षित, प्रमुख वैज्ञानिकद्वारा किया गया। दो दिवसीय संगोष्ठी के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त संचालक, लेखा नियंत्रक,कुलसचिव विभागाध्यक्ष वैज्ञानिक कर्मचारी छात्र-छात्राओं की विशेष सहभागिता एवं उपस्थिति रही।

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