4 दिनों में 3 माँ का पुत्र बनकर आशीष ठाकुर मोक्ष ने किया अंतिम संस्कार

जबलपुर दर्पण। 4 दिनों में 3 माँ का पुत्र बनकर आशीष ठाकुर मोक्ष ने किया अंतिम संस्कार मोक्ष के माध्यम से आशीष ठाकुर टीम करती है 21 वर्षो से सद कार्य सेवा कार्य मानवता की सेवा के लिए लगभग हर दूसरे दिन मोक्ष के माध्यम अंतिम संस्कार और पुनर्वास से युवाओ की अलग अलग टोली आशीष के नेतृत्व मै करते आ रहे सेवाएं स्वयं आशीष और टीम देती है मुखाग्नि और सारे कर्म और करते हैं कर्तव्य का पालन . वही लावारिस जीवन के लिए लालन पोषण जारी सड़को अस्पतालो से लावारिस जीवन को भोजन जीवन आश्रय की व्यवस्था मोक्ष मानव एवं जन उत्थान समीति के माध्यम से 21 वर्षो से जारी ..1. एक लावारिस बुजुर्ग महिला का शव रेलवे जी आर पी के द्वारा दिनांक 16.6.2023 2. एक लावारिस मानसिक बुजुर्ग जिसे सुधार ग्रह जेल रोड से विक्टोरिया अस्पताल भर्ती कराया गया जिनकी मृत्यु हो गई और 17.6.2023 को मोक्ष ने अंतिम संस्कार किया . 3 आज दिनांक विराट अस्पताल मैं इलाज करा रही बुजुर्ग की मृत्यु पर दूर के रिश्तेदार और अस्पताल प्रबंधन ने मोक्ष से माँगी मदद मोक्ष आशीष टीम ने तीनो शवो के सासम्मान पुर्वक अंतिम संस्कार किये.. आपको विदित हो मोक्ष आशीष लावारिस कमजोर परिवारो के अंतिम संस्कार का कार्य 21 वर्षो से लगातार कर रहे है टीम के सदस्य प्रशांत . रंगा कोरी रंजीत.नीरज विवेक वीरू अमित राकेश विकी जैसे समस्त युवा बारी बारी से देते है सेवाए जीवन के साथ भी जीवन के बाद भी आधा सेकड़ा लोग जिनकी देख रेख मोक्ष के द्वारा हो रहा. मोक्ष के कुछ सहयोगी जो समय समय पर अपना सहयोग देते है तो चल रही मदद कोई राशन तो कोई दवा एक सपना मोक्ष आश्रय निर्माण करने का जहाँ जीवन के बुरे वक़्त मै बीमार मानसिक अपंग बुजुर्ग जीवन अपना जीवन का सफऱ काट सके वर्तमान मै मोक्ष सेवाएं दशकों से आस्थायी स्थान पर जारी।



