जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

नौनिहालों को किया जा रहा है मानसिक रूप से परेशान

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा आयोजित 5 वी एवं 8 वी की बोर्ड परीक्षाओँ का आयोजन 25 मार्च से प्रारम्भ हो रहा हैं। इन बोर्ड परीक्षाओ को हौआ बना कर पालकों, शिक्षकों एवं नन्हे मुन्ने बच्चों को भी हलाकान -परेशान किया जा रहा है। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तो 3 से 5 कि. मी. दूर परीक्षा केंद्र बनाये गए है और कहीं-कहीं तो इससे भी ज्यादा दूर परीक्षा केन्द्र बना दिए गए हैँ।जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को आने-जाने में असुविधा का सामना करना पड़ेगा साथ ही साथ पालकों एवं शिक्षकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में बोर्ड एग्जाम देने जा रहे नौनिहालों को रोल नंबर भी परीक्षा केंद्र में सम्मिलित स्कूलों के विद्यार्थियों के नाम के अल्फाबेटिकल में दिये गए हैं । प्रायः परीक्षा केन्द्र जिसमें 300 से 500 बच्चों को अलग- अलग कमरों में बैठाया जावेगा इससे परीक्षा केन्द्र अध्यक्ष एवं पर्यवेक्षक को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।बाद में मूल्यांकन कार्य तथा परीक्षा परिणाम घोषित करने में भी परेशानी जावेगी।जबकि 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं में एक स्कूल के बच्चो को बढ़ते क्रम से लगातार बैठक व्यवस्था रखी गई है।जिसमें बच्चों की उपस्थिति एवं परीक्षा कापियों को एकत्र करने में पर्यवेक्षक एवं केन्द्र अध्यक्ष को परेशानी नहीं हो रही है । मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि गत वर्ष भी 5 वीं तथा 8 वीं की परीक्षाओं में बच्चों की समग्र आईडी को रोल नम्बर बना कर राज्य शिक्षा केंद्र ने समस्त शालाओं को उलझा दिया जिसका दुषपरिणाम यह हुआ कि आज दिनांक तक गत वर्ष की 5 वीं तथा 8 वीं की परीक्षाओं की अंकसूचियां राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा आज दिनांक तक वितरित नहीं की जा सकी। इस वर्ष 2022-23 बोर्ड परीक्षाओं में पुनः भिन्न भिन्न प्रयोग कर शासकीय/अशासकीय के छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने में दिक्कत होगी एवं उपस्थिति भी कम हो सकती है, इस बात का ध्यान नहीं रखा गया।इस बात का भी ध्यान नहीं दिया गया कि नौनिहालों के साथ में आने वाले पालक भी अपना काम छोड़कर बच्चों को परीक्षा दिलाने के लिए जाएंगे जिससे उन्हें भी असुविधा का सामना करना पड़ेगा । मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर,भास्कर गुप्ता,ऋषि पाठक, दुर्गेश खातरकर, विश्वनाथ सिंह, सुल्तान सिंह, अजब सिंह, नितिन तिवारी,देवराज सिंह, आकाश भील, विशाल सिंह, जी आर झारिया, अरविन्द विश्वकर्मा, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, लोचन सिंह, इमरत सेन, विष्णु झारिया, चंद्रभान साहू, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, आदेश विश्वकर्मा, अफ़रोज़ खान, कमलेश दुबे, सुधीर गौर, सतीश खरे, पंकज जैन,राशिद अली, रामकिशोर इपाचे, रामदयाल उइके, पवन सोयाम, अंजनी उपाध्याय, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, रेनू बुनकर, अर्चना भट्ट, ब्रजवती आर्मो, राजेश्वरी दुबे, गीता कोल, सरोज कोल, अम्बिका हँतिमारे, सुमिता इंगले, प्रेमवती सोयाम, शबनम खान, शायदा खान इत्यादि ने शासन प्रशासन से मांग है कि जब पर्यवेक्षक एवं केन्द्र अध्यक्ष दूसरे विद्यालयों के बनाये गए हैँ जिनकी शालाओं के बच्चे उस केंद्र में सम्मिलित नहीं हैँ तो बच्चों की परीक्षा नजदीक या उसी स्कूल में लेना चाहिए ताकि छोटे छोटे बच्चों एवं पालकों को परेशानी ना हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88