जीएसटी के संस्थान विजिट अभियान से व्यापारी भयातुर न हों उच्चाधिकारियों से हुई चर्चा
जबलपुर दर्पण । वस्तु एवं सेवा कर विभाग द्वारा कर अपवंचन व फर्मो के बोगस पंजीयन पर अंकुश लगाने हेतु संस्थान विजिट अभियान के तहत् संपूर्ण म.प्र. के 4 लाख से अधिक करदाताओं में से मात्र 800 संस्थानों को चिन्हित किया गया है जिनका कि भौतिक सत्यापन किया जाना है | जीएसटी विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उक्त जानकारी देते हुए आश्वस्त किया गया है ।
ईमानदारी से व्यापार करने वाले संस्थानों को किसी भी प्रकार की परेशानी या कठिनाई नहीं आने दी जावेगी | महाकोशल चेम्बर द्वारा इस अभियान के परिपेक्ष्य में व्यापारियों में उत्पन्न रोष एवं असंतोष के वातावरण का हवाला देते हुए वस्तु एवं सेवा कर के उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित करते हुए सुझाव दिया गया है कि प्रथमत: तो ईमानदार व्यापारी के स्वाभिमान को आहत न किया जाए इसके साथ ही संस्थान विजिट अभियान के तहत अधिकृत किये गये अधिकारी के अधिकार पत्र के साथ अपना परिचय प्रमाण पत्र, टेग धारण कर व अधिकतम 01 अधिकारी ही संस्थान से जानकारी प्राप्त करने हेतु उपस्थित हो जिससे कर दाता बिना किसी घबड़ाहट एवं दवाब के समुचित जानकारियाँ उपलब्ध करा सके | महाकोशल चेम्बर के अध्यक्ष रवि गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश चंडोक, हेमराज अग्रवाल, मानसेवी मंत्री शंकर नाग्देव, कोषाध्यक्ष युवराज जैन गढ़ावाल, सहमंत्री अखिल मिश्र, अनूप अग्रवाल संगठन मंत्री अनिल जैन “पाली” ने सभी व्यापारियों को आश्वस्त किया है कि जीएसटी के इस चलाये जा रहे इस अभियान से भयातुर न हो तथा बताई जा रही जानकारियों का अपने संस्थान पर समुचित प्रदर्शन सुनिश्चित करें |



