जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया गुरु अरजन देव जी का शहीदी दिवस

जबलपुर दर्पण । शहीदों के सरताज एवं शांति के पुंज पंचम गुरु अर्जन देव जी महाराज का पवित्र शहीदी दिवस आज गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार गोरखपुर प्रांगण में पूर्ण श्रद्धा भक्ति आस्था एवं सेवाभाव के साथ मनाया गया ‌। यहां जनप्रतिनिधियों के साथ ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मत्था टेक कर मन की मुरादें मांगी और एक ही पंगत में बैठकर गुरु का लंगर ग्रहण कर सर्व धर्म सौहार्द और मानवीय एकता की मिसाल कायम की । इस मौके पर आयोजित भव्य और इलाही कीर्तन दरबार में श्री हरिमंदिर दरबार साहिब अमृतसर पंजाब के हजूरी रागी जत्था भाई सुरेंद्र सिंह एवं साथियों ने मनोहारी गुरुवाणी कीर्तन के दौरान गुरुजी का यश अर्चन किया । वे गायन कर रहे थे,तेरा किया मीठा लागे हरि नाम पदारथ नानक मांगे तथा, तत विचार यहै मथुरा जग तारण कौ अवतार बनायो जपियो जिन अर्जन देव गुरु फिर संकट जोनि गर्भ ना आयो ‌। अमृतसर पंजाब के गुरु वाणी मीमांसक एवं इतिहासविद् ज्ञानी हरप्रीत सिंह जंडियाला ने कहा कि गुरु अर्जन देव सिख धर्म के पहले शहीद हैं जिन्हें मुगलकाल में जेठ मास की तपती दोपहरी में गरम लाल तवे पर बिठाकर सिर के ऊपर गरम रेत डालकर घोर यातनायें देकर शहीद किया गया । फफोलों से शरीर भर जाने के बाद उन्हें रावी के ठंडे जल में छोड़ दिया गया ।इस शहादत से देशभर में हाहाकार मच गया और लोग आजादी के लिए सेनाओं का गठन करके एकजुट होने लगे। जो कौमें शहीदों की शहादत को भूल जाती हैं वे नेस्तनाबूद हो जाती हैं। ज्ञानी जी ने आगे कहा कि साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब भारत का ऐसा आध्यात्मिक धर्म ग्रंथ है जो विश्वभर में अध्यात्म और मानवीय एकता की अनूठी मिसाल है यह गुरु अर्जुन देव जी की देन है ।
पूर्व में स्त्री सत्संग सभा गोरखपुर रागी जत्था महेंद्र सिंह मल्होत्रा रागी जत्था भाई बलजीत सिंह आदि ने भी सरस गुरुवाणी कीर्तन पेश किया । इस मौके पर प्रधान रजिंदर सिंह छाबड़ा ने सांसद राकेश सिंह महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू विधायक तरुण भनोट पूर्व मंत्री हरेंद्र जीत सिंह बब्बू पार्षद श्रीमती लक्ष्मी जय चक्रवर्ती एवं मनप्रीत सिंह काके आनंद आदि को सिरोपा प्रदान कर सम्मानित किया । शहीदी दिवस पर गोरखपुर मदन महल अधारताल रांझी खमरिया जसूजा सिटी सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों में मीठी लस्सी छबील का वितरण सिख सेवक जत्थों द्वारा किया गया । मुख्य ग्रंथी ज्ञानी हरजीत सिंह खालसा द्वारा सरबत के भले और विश्व शांति की अरदास प्रार्थना के उपरांत श्री गुरु ग्रंथ साहब का मुखवाक आदेश श्रवण करवाया गया तदुपरांत कड़ाह प्रसाद वितरण के साथ ही समारोह का सोल्लास समापन हो गया । कार्यक्रम का संचालन परमवीर सिंह सैनी एवं आभार प्रदर्शन रजिंदर सिंह छाबड़ा ने किया। रात्रि कालीन अंतिम कीर्तन दरबार में मैंगो शेक का लंगर वितरित किया गया । आज 24 मई को प्रातः 7:00 से 10:00 तक आयोजित कीर्तन दरबार में कीर्तन एवं कथा के साथ ही रागी जत्थों का सम्मान भी किया जाएगा ‌ ।

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