मध्य प्रदेश शासन की विद्युत कंपनियां दे रही है बेरोजगारी को बढ़ावा

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश शासन की मंशा के विपरीत प्रदेश के तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओ को रोजगार देने की जगह विद्युत कंपनियों के प्रबंधन द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारियों को विभिन्न माध्यम से पुनः सेवा मे लिया जा रहा है। विद्युत प्रबंधन के हठधर्मी रवैये से विद्युत कर्मियों मे भारी रोष व्याप्त है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिसन कंपनी लिमिटेड का सलाहकार भर्ती विज्ञापन क्र. 1756 दिनांक 12.06.2023 को जारी सेवानिव्रत सलाहकार भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जावे । मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल अभियंता संघ के महासचिव विकास शुक्ला द्वारा बताया गया कि कंपनियों के प्रबंधन द्वारा विशेषज्ञों के नाम पर शासन की मंशा के विपरीत प्रदेश के तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओ को रोजगार देने की जगह विद्युत कंपनियों के प्रबंधन द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारियों को विभिन्न माध्यम से पुनः सेवा मे लेने की तैयारी की जा रही है। जिसका अभियंता संघ पुरजोर विरोध करता है। ज्ञात हो कि प्रदेश की विजली का मूल्य प्रति यूनिट का निर्धारण एम.पी.ई.आर.सी. द्वारा किया जाता है, ऐसे मे कंपनी प्रबंधन के अव्यावहारिक निर्णय से प्रदेश के विजली मूल्य पर भी अतिरिक्त बोझ बढेगा, जो कि कहीं से कहीं तक प्रदेश के विद्युत कंपनियों, विजली उपभोक्ताओ और बिजली कर्मियों के हित मे नहीं है। प्रबंधन द्वारा तर्क दिया जाता है की हमारे पास अनुभवी अधिकारियों की कमी है, जो कि पूर्णता: निराधार है, इस तरह की नियुक्तिया भाई-भतीजा वाद एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है। समस्त विद्युत् कंपनियों में पूर्व में सेवानिवृत्ति की आयु 58 से 60 वर्ष तत्पश्चात 60 से 62 वर्ष की जा चुकी है, जिसके परिणाम स्वरुप बहुतायत में कार्मिकों को स्वतः ही 04 वर्ष अधिक सेवायें प्रदान करने का अवसर प्राप्त हुआ है । जहां एक तरफ अधिकतर नवीन कार्यों हेतु कंपनीयां करोड़ों का भुगतान सलाहकार कंपनीयों को दिया जा रहा है , फिर विशेषज्ञों के नाम पर अपने ही सेवानिवृत साथियों को पुन: सेवा में लेना अपने आप में प्रश्न चिन्हित है । अभियंता संघ ने पत्र लिख कर प्रदेश के माननीय मुख्य मंत्री जी से मांग की है कि अनावश्यक रूप से एवं नियम विरुद्ध की जा रही सेवानिवृत्त अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में स्वसंज्ञान हस्तक्षेप करते हुए तत्काल प्रभाव से निरस्त करने हेतु सम्बंधितों को निर्देशित करे। जिससे मध्य प्रदेश के तकनीकी प्राप्त युवाओ के साथ अन्याय न हो, एवम आपके नेतृत्व मे प्रदेश के उपभोक्ताओ को सस्ती बिजली निर्वाध रूप मिलती रहे। विद्युत कर्मियों की सहानुभूति पूर्वक मांग से मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी घोषणा “बेरोजगारों को रोजगार” देने की मांग को भी संबल मिलेगा एवं मध्य प्रदेश शासन द्वारा रोजगार देने वाली घोषणा पर अमली जामा पहनाया जा सकेगा । साथ ही जो विद्युत विभाग के नियमित अधिकारी 05 से 35 वर्ष से कंपनियों में अपनी निरंतर सेवाएं देने के पश्चात भी पदोन्नति की वाट जोह रहे हैं, उन्हें सेवानिवृत्त से पूर्व पदोन्नति पाने के अवसर प्राप्त होंगे ।



