प्रदेष के 40 हजार सहायक षिक्षकों को पदनाम का इंतजार

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांताध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि प्रदेष के लगभग 40 हजार सहायक षिक्षक, षिक्षक पदनाम पाने के लिये पिछले 20 वर्षों से बाट जो रहे हैं परन्तु आज दिनांक तक षिक्षकों को पदनाम की सौगात नहीं मिल सकी। सहायक षिक्षक जिस पद पर भर्ती हुए थे उसी पद पर सेवानिवृत्त हो रहें है। अब सहायक षिक्षकों/ षिक्षकों को उच्च पदभार का प्रलोभन देकर खुष करने की कोषिष की जा रही है जिससे सहायक षिक्षकों में रोष व्याप्त है।
संघ ने आगे बताया कि माननीय मुख्यमंत्री महोद्य द्वारा यह घोंषणा की गयी थी कि सहायक षिक्षकों का पदनाम अतिषीघ्र परिवर्तित कर षिक्षक कर दिया जायेगा, परन्तु इस मुद्दे पर किसी प्रकार का कोई निर्णय नहीं लिया गया न ही आदेष जारी किया गया बस आषवासन पे आषवासन दिया गया और पदनाम की फाईल वित्त विभाग से लेकर षिक्षा विभाग के इस दफत्तर से उस दफत्तर के चक्कर काटती रही परंतु पदनाम पदोन्नति देने हेतु किसी प्रकार का आदेष जारी नहीं किया गया। और न ही षिक्षकों के ग्रेड पे पर कोई सुधार किया गया।
संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, धनराज पिल्ले, एनोज़ विक्टर, राजकुमार यादव, गुडविन चाल्र्स, रऊफ खान, सतीस त्रिपाठी, सुधीर अवधिया, गोपीशाह, फिलिप अन्थोनी, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, आषीष कोरी, योगेष ठाकरे, विजय झारिया, सुनील स्टीफन, वसीमुद्दीन, विनय रामजे, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, विरेन्द्र श्रीवास, मानसिंह आर्मो, अषोक परस्ते, अनूप डाहट आदि ने माननीय मुख्यमंत्री महोद्य से मांग की है कि प्रदेष के नियमित सहायक षिक्षकों को पदनाम पदोन्नति शीघ्र दी जाए।



