बिना बँटन संकुल केंद्रों का संचालन बनी आफ़त
जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार विगत कई वर्षों से शासन- प्रशासन द्वारा संकुल केन्द्र व्यवस्था स्थापित कर दी गयी थी किन्तु इसके सेटअप हेतु कोई वित्तीय बँटन या कार्यालय स्टाफ नहीं दिया गया।इन संकुल केंद्रों को संचालित करने हेतु किसी प्रकार का भुगतान/ बँटन नहीं दिया जाता है। प्रत्येक संकुल केन्द्र के अधीन अनेक स्कूलों से संबंधित छात्र-छात्राओं एवं लोकसेवकों की समस्त जानकारियां एवं वित्तीय देयकों को तैयार करने हेतु संकुल प्राचार्य को अपनी-अपनी जेबों से या किसी अन्य शाला फंड से भिन्न-भिन्न जानकारियां तैयार कर अपने वरिष्ठ कार्यालयों में समय-समय पर भेजना पड़ती है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार ऐसे अनेक संकुल केन्द्र है,जहां ना ही प्राचार्य है,ना बाबू और ना ही चपरासी। प्रभारी प्राचार्य ही बिना फोटो कापी मशीन,बिना बाबू ,बिना चपरासी और बिना ही किसी बंटन, सुबह से रात तक ऑनलाइन चाही वरिष्ठ अधिकारियों/ कार्यालयों की जानकारियों की तैयारी एवं समय-समय पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के वित्तीय देयकों सम्बन्धी तैयारी तो विभिन्न डाक या विधानसभा प्रश्नों की जानकारियां सॉफ्ट कापियों के साथ हार्ड कॉपियों में जानकारियां, अपनी जेब से खर्च कर शारीरिक एवं मानसिक तनाव लेता रहता है। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर,शैलेश पंड्या,आशीष यादव, माधव पाण्डेय,प्रशांत श्रीवास्तव, रवि विश्वकर्मा, बहादुर पटेल,आशीष विश्वकर्मा, बैजनाथ यादव, अजय लोधी, श्याम सुन्दर शुक्ला,विवेक साहू, दिलीप साहू, नीरज बाजपेई,शिव यादव,सूर्यकान्त मिश्रा,ऋषि पाठक, दुर्गेश खातरकर, धर्मेंद्र परिहार,नारायण गौंड,अनुराधा नामदेव, ज्योति कुमरे,अनीता वर्मा, जया शुक्ला, सुनीता जॉर्ज,मनोरमा ठाकुर, शारदा मंडाले, राजेश्वरी दुबे, गीता कोल, सरोज कोल, दीपिका चौबे, ममता पटेल, सतीश खरे,नितिन तिवारी, आकाश भील, विश्वनाथ सिंह, भास्कर गुप्ता,आदेश विश्वकर्मा,गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, चंद्रभान साहू, शिवेंद्र परिहार, संजय उपाध्याय, जी आर झारिया, सुरेंद्र परसते, अंजनी उपाध्याय, कल्पना ठाकुर, रेनू बुनकर, अर्चना भट्ट, सिया पटेल, प्रेमवती सोयाम, अम्बिका हँतिमारे, पूर्णिमा बेन, योगिता नंदेश्वर, ब्रजवती आर्मो, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, भागीरथी परसते, सुमिता इंगले, शबनम खान, शायदा खान, अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, अरविन्द विश्वकर्मा, मनोज कोल, रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे, शिव यादव, देवेंद्र राजपूत, पंकज हल्दकार, देव सिंह भवेदी, पवन सोयाम, विष्णु झारिया, कमलेश दुबे, इमरत सेन, डेलन सिंह, आसाराम झारिया, संदीप परिहार, सुधीर गौर, राशिद अली, राकेश मून, संतोष श्रीवास्तव, विशाल सिंह, संदीप भागवत, मोदित रजक इत्यादि ने शासन -प्रशासन से मांग की है,कि अतिशीघ्र प्रत्येक संकुल केन्द्र संचालन हेतु पूर्ण कालीन प्राचार्य, बाबू एवं चपरासी का पदाकंन हेतु कारवाही करें, साथ ही साथ वार्षिक वित्तीय बँटन जारी करें ताकि संकुल व्यवस्था का संचालन सुचारू रूप से हो सके।



