नारियल व्यापारी को लाडगंज पुलिस कर रही परेशान

जबलपुर दर्पण । नारियल वाली गली निवाड़गंज निवासी 68 वर्षीय व्यापारी मट्टू उर्फ ओमप्रकाश केशरवानी निवाड़गंज में नारियल विक्रय एवं मीठा बताशा विक्रय करने का व्यवसाय करता है। तथा नगर पालिका निगम जबलपुर से नगर पालिका अधिनियम 1956 के तहत लायसेंस जारी किया गया है और आवेदक एक प्रतिष्ठित व्यापारी है और व्यापार का संचालन है। आवेदन पत्र के साथ नगर निगम द्वारा जारी लाइसेंस की फोटो कॉपी संलग्न है, आवेदक मट्टू उर्फ ओमप्रकाश केसरवानी गत मंगलवार की दोपहर 3.30 से 4 बजे अपनी नारियल की दुकान में बैठा व्यवसाय कर रहा था और नारियल का क्रय विक्रय का काम कर रहा था, उस वक्त दिन भर की कमाई की जो राशि थी तथा पूर्व में संचित राशि जिसमें नारियल की बिक्री की भी राशि सम्मिलित है उक्त राशि अपने अलमारी के लॉकर में रखी थी और उसी अलमारी में आवेदक की 2 तोले की सोने की चेन तथा दो सोने की जेन्टस अंगूठी रखी हुई थी, जब आवेदक दुकान पर बैठा था तभी पुलिस के कर्मचारी अधिकारी लार्डगंज उपनिरीक्षक अरविंद सिंह राजपूत, उपनिरीक्षक जालम सिंह थाना, प्रधान आरक्षक नंबर 1488 राजीव, आरक्षक क्रमांक 1726 बृजेश, धनवंतरी नगर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सतीश झारिया, चौकी प्रभारी प्रेमसागर उपनिरीक्षक प्रभाकर चौकी, प्रधान आरक्षक नरेश झारिया, आरक्षक अभिषेक रजनीश, सूबेदार रमा तेकाम एक साथ मिलकर मट्टूलाल की दुकान आए और कहा कि तुम्हारे घर की तलाशी लेना है जब उसने पूछा किस बात की तलाशी लेना है तो सभी मिलकर उसके साथ अपमानजनक बातें कहते हुए धमकी देते हुए दुकान से घर के अंदर चले गए, आवेदक के पूछने पर न्यायालय द्वारा कोई आदेश या अधिकृत तलाशी वारंट है तो इस बात पर पुलिस अधिकारी, कर्मचारी गालीगलौज की और धक्का देकर दुकान से बाहर निकाल दिया और अलमारी का लॉकर तोड़कर उसमें रखे सोने के जेवर और नगदी रुपए विपरित तरीके से निकाल कर अवैधानिक रुप से व्यापारी मट्टूलाल को हिरासत में लेकर सट्टा खिलाने का आरोप लगाते हुए पुलिस थाना लार्डगंज ले गये और उसके विरुद्ध पब्लिक ग्लेम्बिग एक्ट 1976 की धारा 4(ए) और धारा 109 के तहत झूठा प्रकरण दर्ज कर लिया है, पुलिस अधिकारी और कर्मचारी द्वारा दुकान पर तोड़फोड़ कर घर में लगे सीसीटीव्ही वैâमरे निकाल लिए तथा उसकी हाडडिस्क भी उठाकर ले गए। अलमारी तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दी है और घर से 3 लाख 51 हजार रुपए ले गए जबकि 2 लाख 7 हजार 995 रुपए की जब्ती बनाई तथा सोने की चेन व अंगूठी की जब्ती नहीं बनाई। गत रात में 9 बजे आवेदक ने पुलिस अधिकारी और कर्मचारी से कहा कि जो जेवरात व पैसे लाए गए है उनकी पूरी जब्ती क्यों नहीं बनाई तो आवेदक के साथ गालीगलौज करते हुए उसे लॉकर में बंद कर दिया और बाकी पैसे व सोने के जेवरातों को आपस में बांट लिया। आवेदक के घर लूट कारित करते हुए झूठा आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया और विरोध करने पर आवेदक की पत्नी श्रीमति आशा केशरवानी को थाने में बुलवाकर 15 एहजार रुपए की जमानत लेकर आवेदक को छोड़ दिया। आवेदक ने पत्र लिखकर पुलिस अधीक्षक से आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।



