गृह भाड़ा भत्ता में हो संशोधन

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बढ़ती महंगाई में राज्य कर्मचारियों को वर्षों से पुरानी दर से ही सरकार द्वारा गृह भाड़ा भत्ता दिया जा रहा है जबकि सातवां वेतनमान लागू हो गया है परन्तु राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को पूर्व की तरह ही वर्षों पुरानी दर पर गृह भाड़ा भत्ता प्रदान किया जा रहा है जबकि वर्तमान में इस दर पर कर्मचारियों को झोपड़ी /छोटे मकान भी उपलब्ध नहीं हो सकते हैं।पड़ोसी राज्य में लोकसेवकों को सातवेँ वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता मिलने लगा है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार मध्य प्रदेश शासन अपने कर्मचारियों को 14 साल पहले के छठवें वेतनमान के मान से गृह भाड़ा भत्ता प्रदान कर रही है। कर्मचारियों को 7 वां वेतनमान दिनांक 1 जनवरी 2016 से प्रदान कर दिया गया परन्तु अन्य किसी भी प्रकार के भत्ते 7 वें वेतनमान के अनुरूप नहीं दिए जा रहे हैँ। जो भत्ते प्राप्त हो रहे हैँ वह वर्ष 2006 के वेतनमान के अनुसार देय हो रहे हैँ जबकि केंद्रीय कर्मचारियों को समस्त भत्ते वर्ष 2016 के अनुरूप दिए जा रहे हैँ। जिससे राज्य और केंद्र शासन के कर्मचारियों में भत्ते का बहुत अंतर हो गया हैं। महंगाई 2006 के बाद से चरम सीमा पर पहुँच गयी हैँ और आज तक कर्मचारियों को प्राप्त छठवें वेतनमान के भत्ते ऊंट के मुँह में जीरे के बराबर हैँ। कर्मचारी प्रतिमाह 3000 से 5000 रूपये तक मकान किराये के रूप में अपने वेतन से दे रहा हैँ जो प्रतिवर्ष लाख रूपये के करीब हो जाता हैँ और इस मकान किराये पर इनकम टैक्स छूट भी नहीं मिलती परिणाम स्वरूप कर्मचारियों को दोहरा नुकसान हो रहा है।शासन का कर्मचारियों के भत्ते ना प्रदान करने से अत्यधिक रोष व्याप्त है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया, धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी, विश्वनाथ सिंह, आकाश भील, दुर्गेश खातरकर, ऋषि पाठक, शैलेश पंड्या, सतीश खरे, माधव पाण्डेय, अजय लोधी, रवि विश्वकर्मा, बहादुर पटेल, आशीष विश्वकर्मा, बैजनाथ यादव, प्रशांत श्रीवास्तव, विवेक साहू, नीरज बाजपेई, श्याम सुन्दर शुक्ला, नारायण गौड़, शिव यादव, पंकज हल्दकार, आदेश विश्वकर्मा, महेश मेहरा, आसाराम झारिया, समर सिंह,भोजराज विश्वकर्मा, अंजनी उपाध्याय, चंद्रभान साहू, भोगीराम चौकसे, गंगाराम साहू,देवेंद्र राजपूत, राशिद अली, विष्णु झारिया, अफ़रोज़ खान, रवि केवट, सुरेंद्र परसते, अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, सुधीर गौर, देव सिंह भवेदी, राकेश मून, इमरत सेन, डेलन सिंह, पवन सोयाम, मनोज कोल, अजय श्रीपाल, रामदयाल उइके,विशाल सिंह,रामकिशोर इपाचे, मोदित रजक, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, अनुराधा नामदेव, संध्या पटेल, राजेश्वरी दुबे, रेनू बुनकर,कल्पना ठाकुर, अर्चना भट्ट, जया शुक्ला, दीपिका चौबे, मनोरमा ठाकुर, शारदा मंडाले, सुनीता जॉर्ज,अम्बिका हँतिमारे, सुमिता इंगले, शायदा खान, प्रेमवती सोयाम,पूर्णिमा बेन, ब्रजवती आर्मो, जागृति मालवीय,क्षिप्रा सिंह इत्यादि ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी से मांग की है, कि 7 वें वेतनमान के अनुरूप भत्ते प्रदान किये जावें।



