चुनावी वर्ष में मूल मुद्धा “पुरानी पेंशन बहाली” के इंतजार में लोकसेवक

जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार चुनावी वर्ष में पुरानी पेंशन बहाली प्रमुख मुद्धा है जिससे सभी विभागों के सभी वर्गों /श्रेणीयों के अधिकारियोँ तथा कर्मचारियों एवं उनके परिवार का भविष्य जुडा है। इसे बहाल करने पर लाखों लोकसेवकों को एक साथ लाभ प्राप्त होगा। अभी सरकार अलग -अलग वर्गों /श्रेणीयों के लोकसेवकों को साधने की कोशिश कर रही है परन्तु जिसकी सर्वाधिक आवश्यकता है उस पुरानी पेंशन बहाली पर मौन साधे हुए है ये समझ से परे है। समझने वाली बात है जिस मुद्दे पर सभी विभाग के सभी वर्ग /श्रेणी के लोकसेवक लगातार संघर्ष कर रहें हैँ उसकी अनदेखी क्यों की जा रही है…? लाखों लोकसेवकों के परिवारजनों /रिश्तेदारों को मिलाकर करोड़ों होते हैँ, इतना ही इशारा समझदार के लिए पर्याप्त होता है। पेंशन लोकसेवक (अधिकारी एवं कर्मचारी)का मौलिक अधिकार माना जाना चाहिए। वर्तमान मेँ अंशदायी पेंशन योजना(एन. पी. एस.) लोकसेवक के स्वपनों पर कुठाराघात है। वर्तमान में प्रतिमाह प्राप्त वेतन का एक चौथाई भी पेंशन के रूप में प्राप्त नहीं होता है। विचारणीय पहलू है कि 60-62 वर्ष की आयु होने पर कोई भी लोकसेवक जब सेवानिवृत होता है तो वह अपने जीवन के अंतिम शेष वर्षों में क्या अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए दुबारा किसी प्राइवेट नौकरी करने हेतु सक्षम होगा जबकि उसने अपने जीवन के 25 से 30 वर्ष या अधिक शासकीय सेवा में लगा दिये हों ।मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार बढ़ती महंगाई मेँ जब आज जीवकोपार्जन हेतु वेतन कम पड़ जाता है तो सोचने वाली बात है, कि सेवानिवृति के उपरांत लोकसेवक इस नई पेंशन योजना के दुष्परिणाम का शिकार हो जायेगा। सेवा अवधि मेँ अधिकारी -कर्मचारी पूर्ण निष्ठा के साथ अपने-अपने दायित्व का निर्वहन करतेँ है तो सरकार का भी फ़र्ज बनता है कि वो अधिकारीयों -कर्मचारियों के विश्वास को ना तोड़े ना ही उन्हें अंधकार मेँ धकेले क्योंकि पेंशन लोकसेवक के बुढ़ापे का सहारा है।
संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर,भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया,ऋषि पाठक,धर्मेंद्र परिहार,नितिन तिवारी,दुर्गेश खातरकर,विश्वनाथ सिंह,आकाश भील, आदेश विश्वकर्मा, आसाराम झारिया, समर सिंह, अफ़रोज़ खान,सतीश खरे रवि केवट, कमलेश दुबे, विष्णु झारिया,डेलन सिंह, विशाल सिंह,अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, महेश प्रसाद मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, गंगाराम साहू, चंद्रभान साहू, भोगीराम चौकसे, सुधीर गौर, अंजनी उपाध्याय, देवेंद्र राजपूत, पंकज हल्दकार, देव सिंह भवेदी, राशिद अली, राकेश मून, लोचन सिंह,सुरेंद्र परसते,मनोज कोल, रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे, पवन सोयाम,मोदित रजक,पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी,राजेश्वरी दुबे, अर्चना भट्ट,दीपिका चौबे, रेनू बुनकर, कल्पना ठाकुर, पूर्णिमा बेन, ब्रजवती आर्मो, प्रेमवती सोयाम, जागृति मालवीय, योगिता नंदेश्वर, अम्बिका हँतिमारे, भागीरथी परसते, क्षिप्रा सिंह, सिया पटेल, माया सोयाम,सुमिता इंगले,शबनम खान,शायदा खान इत्यादि ने सरकार से मांग की है,कि प्रदेश में कार्यरत सभी लोकसेवकों की पुरानी पेंशन बहाल की जावे एवं अन्य सभी लाभ विधिवत प्रदान किये जावेँ।



