18 दिवसीय समरसता यात्रा का सागर में होगा समापन

जबलपुर दर्पण। सुशासन का मूलमंत्र देश को देने वाले संत रविदास जी के मंदिर निर्माण के लिए मध्य प्रदेश में 25 जुलाई से 18 दिवसीय समरसता यात्रा की शुरूआत हुई। यात्रा का समापन 12 अगस्त को सागर में होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संत रविदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को समर्पित मंदिर और संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे।
प्रदेश की जनहितैषी भाजपा सरकार ने 8 फरवरी 2023 को इस देवतुल्य कार्य के विषय में घोषणा की थी। संकल्प सिद्ध करने पांच स्थानों – नीमच, मांडव जिला धार, श्योपुर, बालाघाट एवं सिंगरौली से एक साथ यात्रा दिनांक 25 जुलाई को प्रारम्भ हुई। यात्राएं 12 अगस्त तक प्रदेश के हर गांव से मिट्टी एवं सभी विकासखण्डों की 313 नदियों से जल का सांकेतिक संग्रहण एवं जनजागरण करते हुये आज सागर पहुँच जाएंगी।
सागर के पास बड़तूमा में सौ करोड़ रूपए की लागत से संत शिरोमणि सदगुरु श्री रविदास जी का विशाल और भव्य मंदिर का निर्माण का देवतुल्य कार्य सरकार कर रही है। मंदिर की दीवारों पर संत रविदास जी के दोहे और शिक्षाएं अंकित होगी। मंदिर परिसर में संत रविदास जी के जीवन की महान घटनाएं और उनकी अमर रचनाएं जीवंत दिखेगी। इस अतुलनीय कार्य से संत रविदास जी की वाणी से लोग प्रभावित होंगे। उनकी सामाजिक समरसता की सीख जनमानस तक पहुंचेगी और पर्यटन की अपार संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
भारत की संस्कृतिक, धार्मिक एवं अध्यात्मिक एकता में संत शिरोमणि श्री रविदास जी के योगदान एवं उनके दर्शन, संदेशों, के जन जागरण करने के लिए इस यात्रा का भव्य आयोजन भाजपा सरकार द्वारा किया गया।



