9 वर्ष के इंतजार के बाद हुआ न्याय

जबलपुर दर्पण। आरोपी अनिल कुमार साहू के विरुद्ध विजय नगर थाना द्वारा एक प्रकरण में आरोपी बनाया गया था जिसे अभियोजन अपना अपना पक्ष प्रमाणित कर सकने में पूर्ण रूप से अक्षम अथवा असफल रहा वह एक भी गवाह न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं करा सका आखिर में माननीय न्यायालय द्वारा आईजी के माध्यम से भी साक्षीयो के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए किंतु पुलिस फरियादी गण को न्यायालय में उपस्थित कराने में पूर्ण रूप से असफल रही आरोपी के अधिवक्ता श्री राजेश पंजवानी द्वारा न्यायालय के समक्ष तर्क दिए गए कि भवन में तीसरी मंजिल पर प्लास्टर का कार्य चल रहा था और ठेकेदार द्वारा समुचित सुरक्षा व्यवस्था जैसे बाहर जाल तथा बेलदारों के लिए हेलमेट और जूते सुरक्षा के रूप में प्रदान किए गए थे, लटक कर कार्य करने के लिए हुक की व्यवस्था थी निर्माणाधीन भवन की पांचवी मंजिल में कोई भी कार्य नहीं चल रहा था किंतु मृतक बगैर किसी कार्य के पांचवी मंजिल पर चला गया था और वहां फोन पर बात करते हुए ओटीएस से नीचे गिर गया जिससे उसकी मृत्यु हो गई अतः उपरोक्त संदर्भ में आरोपी अनिल कुमार साहू का कोई भी दोष नहीं था अपितु मृतक स्वयं जिम्मेदार था अधिवक्ता राजेश पंजवानी के तर्क को उचित मानते हुए न्यायालय ने आरोपी अनिल कुमार साहू को प्रकरण से दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया l प्रकरण में राजेश पंजवानी अधिवक्ता और मनोज सनपाल अधिवक्ता ने पैरवी की



