जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

पुलिस अधीक्षक ने एडीपीओ तथा राजपत्रित अधिकारियों की ली संयुक्त बैठक

जबलपुर दर्पण। पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में 26अगस्त केा शाम 5-30 बजे पुलिस अधीक्षक जबलपुर तुषार कांत. विद्यार्थीद्वारा डी.पी.ओ./ए.डी.पी.ओ. तथा राजपत्रित अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक ली गयी।
बैठक में अति. पुलिस अधीक्षक शहर श्रीमति प्रियंका शुक्ला , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) श्री समर वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर दक्षिण) कमल मौर्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (उत्तर/यातायात) श्री प्रदीप कुमार शेण्डे,, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सोनाली दुबे, नगर पुलिस अधीक्षक अधारताल श्रीमति प्रियंका करचाम, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री प्रभात शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक ओमती श्री पंकज मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक रांझी विवेक कुमार गौतम, नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर एच.आर. पाण्डे, नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर राजेश ंिसह राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक कैट उदय भान सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक गढा देवेन्द्र प्रताप सिंह, उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आकाक्षा उपाध्याय, एवं जिला अभियोजन अधिकारी अजय जैन, सीनियर एडीपीओ, स्मृतिलता बरकडे, के जी तिवारी, सारिका यादव, भारती उईके, नमिता मिश्रा शोभना पटेल, रागिनी जैन संदीप जैन, देवर्षि पिंचा, आदि उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री तुषार कांत विद्यार्थी (भा.पु.से.) ने सभी ए.डी.पी.ओ. से मान्नीय न्यायालय में विचाराधीन गम्भीर, सम्पत्ति सम्बंधी अपराधों, आर्म्स एक्ट, एन.डी.पी.एस. एक्ट, पाक्सो एक्ट के कितने प्रकरणों की पैरवी कर रहे हैं की अद्यातन स्थिति की जानकारी ली तथा अपनी प्राथमिकतायें बताते हुये कहा कि गम्भीर एवं सम्पत्ति सम्बंधी अपराधों में, फायर आर्म्स तथा आर्म्स एक्ट के प्रकरणों में एवं नशीले पदार्थो अर्थात एनडीपीएस एक्ट, नशीले इंजैक्शन, तथा पाक्सो एक्ट के प्रकरणों में आप सशक्त एवं सारगर्भित पैरवी करें, ये बेहद जरूरी है इससे निश्चित ही क्राईम कंट्रोल में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एैसे प्रकरण जिनमें अपराधी को मान्नीय न्यायालय द्वारा दण्डित किया जावेगा, सम्बंधित कोर्ट मोहर्रिर को नगद पुरूस्कार से एवं पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्तागणों को मेरे द्वारा प्रशस्ति पत्र से पुरूस्कृत किया जावेगा।
आपने सभी को यह भी बताया कि मेरे द्वारा सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि मान्नीय न्यायालय मे चालान प्रस्तुत करने के पूर्व एक बार चालान का अवलोकन सम्बंधित ए.डी.पी.ओ. से करा लें, आप भी सुनिश्चित करें कि जो तथ्य डायरी में समाहित होना चाहिये यदि उनमें कोई कमी है तो अपना मार्गदर्शन देते हुये कमी को दूर करायें ताकि मान्नीय न्यायालय में विचारण के दौरान एैसी कोई कमी न रह जाये, जिसका अपराधी फायदा उठा सके।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में आपके द्वारा मान्नीय न्यायलयों में विचाराधीन सम्पत्ति सम्बंधी अपराधों की मॉनीटरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण श्री कमल मौर्य को, आर्म्स एक्ट के प्रकरणों के अपराधों की मॉनिटरिंग हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री सूर्यकांत शर्मा को, एन.डी.पी.एस. की मॉनिटरिंग हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उत्तर/यातायात श्री प्रदीप कुमार शेण्डे को तथा पाक्सो एक्ट एंव महिला सम्बंधी अपराधों की मॉनिटरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमति सोनाली दुबे तथा गम्भीर अपराध हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्रीमती प्रियंका शुक्ला (भा.पु.से.), को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिनके द्वारा लगातार आप सभी से समन्वय स्थापित कर साक्षियों को समय पर उपस्थित कराया जा रहा है जिन प्रकरणों में डीएनए एवं एफएसएल की रिपोर्ट अप्राप्त रही है, आपके बतायेनुसार उपलब्ध करायी गयी है। इसके साथ ही कोर्ट मोहर्रिरों की मीटिंग ली जाकर एैसे गैर म्यादी वारंटी जो सकूनत से फरार हैं के जमानतदारों की जानकारी थाना प्रभारियों उपलब्ध कराने एवं थाना प्रभारियों को जमानतदार कें विरूद्ध 446 जाफौ के तहत कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया है।

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