कृषि उपज मंडी अपनी मांगों को लेकर कारोबार बंद रखा

जबलपुर दर्पण।मुख्य मांगे. 1. मंडी समितियों में पूर्व से आबंटित भूमि / संरचनाओं पर भूमि एवं संरचना आवंटन नियम 2009 लागू नहीं किया जाये। कलेक्टर गाईड लाईन से लीज दरों का निर्धारण नहीं रखकर नामिनल दरें रखी जायें, 2. मंडी फीस दर एक प्रतिशत की जाये। 3. निराश्रित शुल्क समाप्त किया जावे, 4. मंडी अधिनियम की धारा 19 (2), धारा 19 (4), धारा 46 (ड.) एवं धारा 46 (च) में संशोधन / विलोपन किया जायें, 5. लायसेंस प्रतिभूति की हटाई जाये, 6. वाणिज्यिक संव्यवहार की पृथक अनुज्ञप्ति व्यवस्था एवं निर्धारित फीस रूपये 25,000/- की वृद्धि समाप्त कर पूर्व फीस रूपये 5,000/- बहाल की जाये, 7. मंडी समितियों को धारा 17(2) (चौदह) एवं 30 में प्रदत्त अधिकार / शक्तियाँ यथावत रखी जाये, 8. लेखा सत्यापन / पुनः लेखा सत्यापन कार्यवाही समाप्त की जाये। 9. कृषक खरीदी प्रतिभूति बढ़ाने के दबाव पर रोक लगायी जाये, 10. विक्रेता की जोखिम पेटे नवीन प्रतिभूति जमा कराये जाने पर जमा पुरानी प्रतिभूति एक निर्धारित अवधि में वापस की जाना सुनिश्चित कराया जाये, 11. धारा 23 अंतर्गत गाड़ियों को रोकने की शक्ति प्रावधान की परिधि के बाहर जाकर मंडी बोर्ड कार्यालय स्तर से गठित किये जाने वाले जाँच दलों पर रोक लगायी जाये।



