48 घण्टे के अंदर मिल गया दूसरा रिश्वत खोर

दमोह। जिले में लगातार लोकयुक्त पुलिस की कार्यवाही भ्रष्ट कर्मचारियों के पीछे काल की तरह पड़ी हुई है। उसके बाद भी रिश्वतखोर कर्मचारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे हैं। जनपद पंचायत में पदस्थ उपयंत्री के लिए 50 हजार रुपयों की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस के द्वारा पकड़ने की कार्यवाही के लिए अभी 48 घंटे भी पूरे नही हुए थे और नगर पालिका में पदस्थ सहायक राजस्व निरीक्षक मनोज तंतुवाय के लिए 10 हजार रुपयों की रिश्वत लेते हुए रंगे हांथों गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक नया बाजार 4 नंबर निवासी नगर पालिका में पदस्थ सहायक राजस्व निरीक्षक मनोज तंतुवाय के द्वारा आवेदक हेमेंद्र राज के पिता की मृत्यु हो जाने के बाद अनुग्रह सहायता योजना की राशि स्वीकृत कराए जाने के एवज में 10000 हजार रुपयों की रिश्वत की मांग की गई थी। जिसके चलते लोकायुक्त पुलिस ने चूना की दुकान पर 10000 हजार रुपयों की रिश्वत लेटे हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। जिन्हें गिरफ्तार कर कोतवाली थाना लाया गया। जहां मौजूद लोकायुक्त टी आई निरीक्षक मंजू सिंह व रोशनी जैन एवं कोतवाली स्टाफ की मौजूदगी में अग्रिम कार्यवाही की गई है। जिले में लोकायुक्त की एक के बाद एक ताबड़तोड़ कार्यवाहियों से भ्रष्ट कर्मचारियों में भय का माहौल व्याप्त है। निश्चित ही इस तरह की कार्यवाही से भ्रष्टाचार कर रहे कर्मचारियों में निश्चित ही गिरावट आएगी। हालाकि इस तरह की कार्यवाहियो से रिश्वत लेने का मन बना लेने वाले कर्मचारियों के लिए लोकायुक्त की कार्यवाही से किसी तरह का फर्क दिखाई नही देता। यही कारण है कि यह लोकायुक्त की गिरफ्त में फसते नजर आते हैं। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि दमोह नगर पालिका में आधिकारी से लेकर कर्मचारियों की रग रग में रिश्वत के लेन देन का खून दौड़ रहा है। जिनके द्वारा हर छोटे से छोटे बड़े से बड़े कार्य की मोटी रकम बिल पास कराए जाने के एवज में रिश्वत के नाम पर ली जाती है। हालाकि नगर पालिका में हुई इस कार्यवाही से अन्य कर्मचारियों की नींद अब हराम हो चुकी है। अब देखना होगा आखिर कब तक रिश्वतखोर भ्रष्ट कर्मचारी लोकायुक्त पुलिस से बच पाएंगे।


