हितकारिणी सभा के समर कैम्प का समारोहपूर्वक शुभारंभ

जबलपुर दर्पण । हितकारिणी सभा के समर कैम्प का शुक्रवार को हितकारिणी महिला महाविद्यालय के प्रांगण में समारोहपूर्वक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर हितकारिणी सभा की सभापति श्रीमती सुनयना पटेरिया, विशिष्ट अतिथि विद्या परिषद के अध्यक्ष समर सिंह गायकवाड़, मेडिटेशन स्पेशलिस्ट संगीता डोडानी एवं विवेचना रंगमंच के विवेक पांडे उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि की आसंदी से कार्यक्रम को संबोधित करते हुये हितकारिणी सभा की सभापति श्रीमती सुनयना पटेरिया ने कहा कि लंबी छुट्टियों के दौरान समर कैम्प का आयोजन बेहद सकारात्मक पहल है, उन्होंने कहा कि आज हम मोबाइल टीवी सोशल मीडिया से बंध गए हैं, इससे बाहर निकलना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। श्रीमती पटेरिया ने कहा कि आने वाला समय और अधिक प्रतिस्पर्धी होगा, ऐसे में समर कैम्प के माध्यम से आप अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। उन्होंने कहा कि समर कैंप कमजोरी दूर करने का भी अच्छा माध्यम होता है। कार्यक्रम का संचालन संयोजक विद्या परिषद राजीव श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर संतोष राजपूत (थिएटर), गजेंद्र वैद्य (वॉलीबॉल), शानू यादव (कबड्डी), नामदेव जी(रग्बी), दिनेश सिंह (योग), नागेश राव (मार्शल आर्ट), नरेश तिवारी, राजेंद्र तिवारी, शेखर खंपरिया, हितकारिणी विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
फिटनेस के लिए खेल जरूरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्या परिषद के मंत्री जयेश सिंह राठौर बताया कि इस बार समर कैम्प में वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो के अलावा बास्केटबाल, रकबी और पिकलबाल, जुम्बा जैसे खेलों को भी जोड़ा गया है। इसके अलावा थियेटर आर्ट, मार्शल आर्ट तथा मेडिटेशन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। श्री राठौर ने कहा कि फिटनेस के लिए खेल जरूरी हैं, इससे शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि हितकारिणी सभा के समर कैम्प अभी तक बहुत ही सफल साबित हुये हैं। इसके माध्यम से प्रशिक्षित कई बच्चे राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
प्रशिक्षकों ने कहा
योग प्रशिक्षक दिनेश सिंह ठाकुर ने कहा कि सर्वागींण विकास के लिये योग बहुत जरूरी है। मेडिटेशन स्पेशलिस्ट संगीता डोडानी ने कहा कि मन और विचार को कंट्रोल करना ही ध्यान है। विवेचना रंगमंच के विवेक पांडे ने कहा कि थियेटर सभी कलाओं का मिश्रण होता है। मार्शल आर्ट प्रशिक्षक नागेश राव ने कहा कि यह कला आत्मविश्वास के साथ आत्मरक्षा का सशक्त माध्यम है।


