मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के नाम पर कलेक्टर को दिया एनएसयूआई ने ज्ञापन

जबलपुर दर्पण। भारतीय राष्ट्रीय छात्र कांग्रेस एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने अंधेर देव में स्थित अंजुमन इस्लामिया वक्त की 52000 स्क्वायर फीट जमीन पर स्कूल अथवा महाविद्यालय का निर्माण कर शैक्षणिक संस्था की स्थापना की मांग संबंधी ज्ञापन एनएसयूआई के पूर्व जिला उपाध्यक्ष एड. अदनान अंसारी के नेतृत्व वक्त बोर्ड अध्यक्ष के नाम जिला कलेक्टर महोदय जबलपुर को सौंपा।एनएसयूआई के पूर्व जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट अदनान अंसारी ने बताया कि अंग्रेज शासनकाल में पब्लिक ट्रस्ट अंजुमन इस्लामिया जबलपुर की स्थापना 1982 में खान बहादुर सैय्यद अली अहमद खान, हाजी सैय्यद ज़ैनुलाबदीन शाह साहब, मिर्जा अलफ बेग, क़ाज़ी मोहम्मद अमीर, मोहम्मद हफ़ीज़ अहमद खान, शेख मोहम्मद अब्दुल अजीज, नबी अहमद खान, क़ाज़ी मोहम्मद अकबर, ज़मीदार मोहम्मद अमीन उल्लाह खान एवं अनवर खान मेहबूब कंपनी, बीड़ी वालों ने शिक्षा के महत्व को समझते हुये गरीब बच्चों के लिये अंजुमन इस्लामिया की नींव रखी थी, करीब 40 वर्ष में अंजुमन की बेशकीमती भव्य इमारत का कार्य पूर्ण हुआ था जिसमें तंगी और मुफ़लिसी के दौर में चंदा होता था और हर गरीब परिवार एक मुठ्ठी आटा, चावल, दाल आदि देता था जब आयटम पर्याप्त मात्रा में एकत्रित हो जाता था तो उसे बेचा जाता था और उस पैसे से धीरे धीरे निर्माण कार्य पूरा हुआ जिसमें करीब 40 साल लग गये।
स्थानीय समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ कि अंधेरदेव स्थित अंजुमन इस्लामिया वक्फ की बेशकीमती जमीन शहर के एक नामी बिल्डर को करोड़ों में बेची जा रही है। जो अवैधानिक है। अंजुमन इस्लामिया वक़्फ़ एक शैक्षणिक संस्था है, जिसका गहरी साजिश के तहत व्यवसायीयकरण किया जा रहा है। जबकि उक्त 52 हज़ार वर्गफीट बेशकीमती जमीन पर आईसीएससी या सीबीएसई से मान्यता प्राप्त इंग्लिश मीडियम स्कूल बनना चाहिए, ताकि वहां सभी धर्म के गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जा सके। जिस उद्देश्य से शैक्षणिक संस्था अंजुमन इस्लामिया का निर्माण किया गया।ज्ञापन देते वक्त अफजाल रहमानी, सैफ मंसूरी, शफी खान, अंकित कोरी, शिशांत ठाकुर, सैफ अली, आशीष राजपूत, शाहनवाज अंसारी, शादाब अली, कृष्णा गुप्ता, इमरान खान, आदि मौजूद थे।



