जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

आम जनता भटकती रही नहीं पहुंचे मुख्यमंत्री

जबलपुर दर्पण। बघराजी में मुख्यमंत्री का आगमन था सारी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई थी प्रशासन तीन दिनों से प्रशासन के लोग मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी में जुटे थे। रात दिन एक कर रहे थे उनके हेलिकॉप्टर को उतारने के लिए पीडी से लेकर वन विभाग और पुलिसकर्मियों ने रात दिन एक कर हेलीपैड बनाया। फिर सुरक्षा की दृष्टि से उसमें रात-रात गस्ती दी गई वही आज बघराजी के महानी मन स्टेडियम में सुबह 10 बजे से ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता सचिव सरपंच रोजगार सहायक सभी लोगों को मुख्यमंत्री के दरबार में जनता को लाने का आदेश जारी किया गया था। 10 बजे से ही महिलाओं और आम जनता की भारी भीड़ जमा हो गई थी कई घंटे तक तो उनसे कहा गया कि मुख्यमंत्री जी आ रहे हैं और कुछ लोग मंच को चलते रहे जो हमेशा राजनीतिक मंचों में होता है तरह-तरह की योजनाएं बताई जा रही थी लेकिन 1 बजे का एक खबर आई थी माननीय मुख्यमंत्री जी नहीं आ रहे हैं जिससे दूर-दूर से आए लोगों में काफी आक्रोश देखा गया उनका कहना था कि जब नहीं आना था मुख्यमंत्री जी को तो हमें क्यों बुलाया गया कुछ लोगों को कुछ लोग समझते नजर आए उन्हें बताया गया की 12 बजे से आचार संहिता लग चुकी है इसकी वजह से मुख्यमंत्री जी ने अपना कार्यक्रम स्थगित किया है जिस पर लोगों का जवाब था क्या मुख्यमंत्री जी आम व्यक्ति की तरह हैं जिनको यह नहीं मालूम की आज से चुनाव आयोग की कॉन्फ्रेंस होगी और उसमें चुनावी कार्यक्रम की घोषणा भी की जाएगी इस वक्त से आचार संहिता लग जाएगी हम लोग तो आम आदमी हैं लेकिन मुख्यमंत्री जी न जाने कहां खोए हुए हैं सिर्फ उन्हें अपना चुनावी कार्यक्रम देखा है ऐसा लगता है लोगों को टेंट से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में कई लाख रुपए खर्च कर दिए गए। वहीं प्रशासनिक व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई थी, कल शाम को भी न्यूज़ में बताया जा रहा था की दिनांक 9 अक्टूबर को 12 बजे दोपहर से आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद भी रात भर स्टेडियम में टेंट लगाया गया। और अंत में यह कि कार्यक्रम भी नहीं हुआ। जनता इधर-उधर भटकती रही परेशान होती रही उन्हें बहुत देर बाद बताया गया कि मुख्यमंत्री जी नहीं आ रहे हैं बाहर से आई महिलाएं बेचारी बहू की थी उन्होंने अपने-अपने बैग में लाई हुई खाने की सामग्री निकाल कर स्टेडियम में बैठकर खाना खाकर अपनी भूख मिठाई हमारे संवाददाता ने जब उनसे पूछा तो उन्होंने बताया कि क्या करें भैया हमें तो लाया गया था कि मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम में आपको शामिल होना है लेकिन यहां घंटे भड़काने के बाद बहुत देर बाद मालूम हो गया कि माननीय मुख्यमंत्री जी नहीं आ रहे इससे हमें बहुत निराशा भी हुई सूत्रों के अनुसार पब्लिक को लाने के लिए 139 बसे लगाई गई थी आखिर इतना डीजल पेट्रोल एक कार्यक्रम में खर्च होता है वर्षों चलने वाला डीजल पेट्रोल ऐसी कई सभाओं में एक दिन में खत्म हो जाता है डीजल पेट्रोल की महंगाई कैसे कम होगी लोगों का मानना है कि जबलपुर से लेकर भोपाल के वल्लभ भवन मध्य प्रदेश सरकार में बैठे लोगों को क्या यह नहीं पता था की कल से आचार संहिता लागू हो जाएगी इसके बाद भी क्या जोर जबरदस्ती थी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम करने के लिए सारी व्यवस्थाएं होने के बाद कार्य करना होना निराशा के अलावा और कुछ भी नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88