कवयत्री डॉ. शाकुन्तल पांडेय का देहांत

जबलपुर। महादेवी वर्मा की मानस पुत्री कवयत्री डॉ. शाकुन्तल पांडेय का देहांत दीक्षितपुरा जबलपुर निवासी महादेवी वर्मा द्वारा स्थापित संस्था ‘ राष्ट्रभाषा परिषद ‘ की अध्यक्षा 70 वर्षीय डॉ. शाकुन्तल पांडेय का मीरा रोड के वोकहार्ड अस्पताल में 2 जुलाई 2020 को निधन हो गया। वे अपने पीछे दो बेटे संजय एवं संदीप तथा दो बेटियां समेत पूरा परिवार छोड़कर हमेशा के लिए पंचतत्वों में विलीन हुई।
गौरतलब है कि जबलपुर नगर निगम में के शिक्षा विभाग से सम्बद्ध वर्तमान में मुंबई में पुत्र के साथ रहतीं थीं. हिंदी की प्रख्यात साहित्यकार डॉ. महादेवी वर्मा की शिष्या एवं उनकी मानस पुत्री डॉ. शाकुन्तल पांडेय मुम्बई महानगर,मीरा-भायंदर उपनगर आसपास साल में कई बार साहित्यिक कवि-सम्मेलन, विचार गोष्ठीयों के आयोजन में प्रमुखता से सक्रीय रही । उनके आकस्मिक निधन को मिलन के संस्थापक मोहन शशि डा. भावना निगम, इरफ़ान झांसवी, डा सूरज राय सूरज संचालक बालभवन गिरीश बिल्लोरे मुकुल, बसंत मिश्रा , राजेश पाठक प्रवीण, डाक्टर संध्या जैन श्रुति, राजीव गुप्ता, आदि ने शोक व्यक्त करे हुए उनके निधन को अपूरणीय निरूपित किया.
संकल्प दीप
आज रात चौखट पर हम दीपक एक जलायेंगें
शक्ति एकता की हम दुनिया को दिखलायेंगें
घोर अंधेरे में आशा की किरणें भी मुस्कायेंगी
संकल्प दीप की ज्योति से घर-घर रोशन हो जायेंगे
उक्त कविता की पंक्तियां हमे कोरोना से लड़ने की शक्तियां देती हैं। ‘ शक्ति की देवी ‘ कलम की जादूगर अचानक हम सबके बीच से यूं चले जाएंगी। ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था।



