नहीं हटाया जाएगा मछली मार्केट

जबलपुर दर्पण। उपनगरीय क्षेत्र अधारताल सब्जी मण्डी समीप स्थित पम्प हाउस के पास मछली का व्यवसाय होता है, जिनके निगम द्वारा निर्मित व आवंटित करवाए गए पक्के निर्माण को निगम प्रशासन के द्वारा हटाए जाने की सुगबुगाहट के चलते तमाम मछली विक्रेता व माझी समाज दहशत में आ गया। जिसके बाद जब निगम अधिकारियों के सामने मछली विक्रेताओं ने अपना पक्ष रखा तो निगम प्रशासन ने यह निर्णय लिया कि मछली मार्केट को नहीं हटाया जाएगा। इस संबंध में समाजसेवी कोमल रैकवार ने मछली मार्केट के समक्ष निगम अधिकारियों व मछली विक्रेताओं के साथ हुई बैठक में मछली व्यवसायियों का पक्ष रखा गया। इस मौके पर कोमल रैकवार ने बताया कि अधारताल क्षेत्र में वर्षों से मछली मार्केट से मछली का व्यवसाय होते आ रहा है, यहां पर वर्ष 2018 में स्वयं निगम प्रशासन के द्वारा मछली मार्केट के संचालन के लिए चबूतरा, शेड व पक्का निर्माण करवा कर दिया गया है, ताकि मछली विक्रेता सुव्यवस्थित रूप से मछली का व्यवसाय कर सकें, जो कि किसी भी रूप में अवैध नहीं हो सकता है, इसलिए निगम प्रशासन द्वारा आवंटित व चिन्हित किए गए मार्केट को न हटाया जाए, जिसके बाद बैठक में मौजूद निगम के अधिकारियों ने आवश्यक जांच करते हुए यह निर्णय लिया कि फिलहाल मछली मार्केट को नहीं हटाया जाएगा, लेकिन मछली विक्रेता स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए मछली का व्यवसाय करें। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चमन पासी, समाजसेवी कोमल रैकवार, लक्ष्मी शुक्ला, प्रदीप दुबे, सुबोध पहारिया, मनोज महता, कमलेश रैकवार, धर्मेन्द्र रैकवार, छोटू रैकवार, भगवान रैकवार, राकेश रैकवार, सुरेश रैकवार, गौरी शंकर, गंगा सिंह, विजय, पूरन सहित मछवारे व सब्जी व्यापारी मौजूद रहे।



