सामाजिक बुराईयों से मुक्त समाज का निर्माण करना, संत रामपाल महाराज जी का उद्देश्य

जबलपुर दर्पण। समाज में व्याप्त बुराईयां, कुरीतियां, अंधविश्वास आदि अनेक बुराइयों से मानव समाज ग्रसित है। हजारों लाखों लोग असाध्य कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं। यह युग कलयुग का चल रहा है। जहां हर कोई किसी ना किसी प्रकार से दुखित है। बीमारी से ग्रस्त इंसान का विज्ञान से विश्वास उठ जाये, जीवन जीने की उम्मीद ही समाप्त हो जाती है। लेकिन इस उम्मीद की किरण को बनाये है संत रामपाल महाराज जी। जहां विज्ञान खत्म हो जाता है, वहां तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज जी का ज्ञान है जिनसे लाखों लोगों की असाध्य कैंसर जैसी बीमारी ठीक हो गई, नशा, रिश्वतखोरी,जुआ, शराब, दहेज लेना देना छोड़ चुके हैं और एक सभ्य जीवन जी रहे हैं। गंभीर से गंभीर कैंसर जैसी बीमारी संत रामपाल महाराज जी द्वारा प्रदान की सतभक्ति करने से ठीक हो चुकी है।
रविवार को हुए वृन्दावन रेस्टोरेंट सगडा में सत्संग में संत रामपाल महाराज जी ने बताया कि शास्त्रानुसार भक्ति करने मानव को चौरासी लाख योनियों में नहीं भटकना पड़ेगा। जन्म मरण के चक्र में बार बार इस काल के लोक में नहीं आना पड़ेगा। वहीं संत रामपाल जी महाराज अध्यात्मिक मार्ग में फैले पाखंडवाद को समाप्त कर सभी धर्मग्रंथों की तुलनात्मक समीक्षा करके शास्त्रानुकूल भक्ति जन साधारण तक पहुंचा रहे हैं।उनका मुख्य उद्देश्य दहेज प्रथा, रिश्वतखोरी,भ्रुण हत्या, छुआछूत, भ्रष्टाचार, नशा आदि सामाजिक बुराईयों से मुक्त समाज का निर्माण करना है। साथ समाज से पाखंडवाद,जाति पाति, धार्मिक भेदभाव को समाप्त करना,समाज में भाईचारा स्थापित करना, विश्व को सतभक्ति देकर मोक्ष प्रदान करना है। ऐसा करने से मानव सुखी होंगे और धरती स्वर्ग बन सकेगी। संत रामपाल महाराज जी के भक्तो ने सत्संग के बाद यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए, साथ ही वाहन चलाते समय हेलमेट लगायें व कार चलाते समय सीट बेल्ट लगायें। यह भी बताया



