भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

जबलपुर दर्पण। कुशल राजनीतिज्ञ, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती के अवसर पर शांतम प्रज्ञा आश्रम नशा मुक्ति, मनो आरोग्य, दिव्यांग पुर्नवास केंद्र में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर शांतम प्रज्ञा आश्रम के संचालक मुकेश कुमार सेन ने बताया कि कर्पूरी ठाकुर जी से नेता भारत में दुर्लभ हुए है उन्होंने समाज के अंतिम पंक्ति के लिए समाज के पिछड़े और शोषित वर्ग के लिए हमेशा संघर्ष किया,
उन्होंने समाजवाद का रास्ता चुना और आचार्य नरेंद्र देव के साथ समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए। 1942 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। राजनीति उनके लिए समाज सेवा का एक मंच रहा जिसके लिए उन्होंने समाज के पिछड़े और शोषित वर्ग के लिए कार्य किया, बिहार के दो बार मुख्यमंत्री और एक बार उपमुख्यमंत्री पद पर रहे. वे अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने सामाजिकि मुद्दों को अपने एजेंडे में आगे रखा। वे जनता के सवाल को सदन में मजबूती से उठाने के लिए जाने जाते थे। समाज के कमजोर तबकों पर होनेवाले जुल्म और अत्याचार की घटनाओं को लेकर कर्पूरी ठाकुर सरकार को भी कठघरे में खड़ा कर देते थे।
उनके जनहित कार्यों को देखते हुए उन्हें जननायक जैसे महान शब्दों से सम्बोधित किया गया.२३ जनवरी २०२४ को भारत सरकार ने उनकी जयंती के अवसर पर उन्हें मरणोपरान्त भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारतरत्न से सम्मानित करने की घोषणा की है।इस अवसर पर मुकेश कुमार सेन, संतोष अहिरवार, यश रंजन श्रीवास, चंचल गौतम आदि उपस्थित रहे



