जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

परिवार भाव से ही जीवन उन्नत होता है:आचार्य अनूप देव शास्त्री

जबलपुर दर्पण। श्रीकृष्ण ने जीवन मे सभी परिस्थिति मे सामंजस्य से रहकर धैर्य और संयम से कार्य करने की शिक्षा दी है। धन वैभव और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन अभिमान और घमंड लाता है, जीवन मे सरलतापूर्वक सभी से प्रेम रखना चाहिए। जीवन स्तर उन्नत बनाने के लिए परिवार भाव आवश्यक है। ह्रदय मे परिवार भाव रहने से आसपास सभी सजीव और निर्जीव वस्तुओ से अपनापन लगता है। अपने साथ सभी के कल्याण की भावना सर्वोत्तम है। सिर्फ सनातन धर्म ही सभी के समृद्ध और निरोगी रहने की कामना करता है। उक्त उदगार श्रीमद्भागवत कथा दर्पण में आचार्य अनूप देव शास्त्री जी महाराज ने दुर्गा मंदिर मछरहाई बीएल एस मार्ट मे कहे। श्रीमद्भागवत कथा दर्पण मे षष्ठम दिवस श्रीकृष्ण रूकमणी विवाहोत्सव मे परम पूज्य ब्रम्हचारी चैतन्यानंद जी महाराज शंकराचार्य मठ की विशेष उपस्थिति रही। पूजन व्दारचार, पाणिग्रहण, अभिषेक पूजन अर्चन आचार्य नवीन पाण्डे, पं अनिल शास्त्री, राजेन्द्र उपाध्याय ने किया। व्यास पीठ, श्रीमद्भागवत महापुराण, श्रीकृष्ण रूक्मणी का पूजन आरती , पांव पखरई, पाणिग्रहण राम बाई साहू, आराधना अमित साहू, स्वापनिल साहू, सुमित साहू ने किया। आरती मे, विष्णु पटेल, मनोज नारंग, जगदीश गीता साहू, विध्येश भापकर, रमेश साहू उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88