लोक निर्माण मंत्री ने प्रधानमन्त्री एवं रेल मंत्री का जताया आभार

जबलपुर दर्पण। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का शिलान्यास वर्चुअल माध्यम से किया, जबलपुर को मिली सौगात के लिए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा हम 20 साल पहले के जबलपुर को याद करे तो निराशा का भाव आता था। लोग कहते थे यहां का कोई धरी धोनी नही है। विकास की कल्पना 5 या 10 करोड़ के कामों तक सीमित थी। 2004 में जब जबलपुर की जनता के आशीर्वाद से मैं सांसद बना तब तब जबलपुर की उपेक्षा का दंश चुभता था। किसी भी शहर को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सबसे जरूरी वहां की बेहतर कनेक्टिविटी का होना होता है और कनेक्टिविटी चाहे सड़क मार्ग हो, रेल मार्ग हो या हवाई मार्ग हो यदि यह बेहतर होगी तो विकास को नए पंख लगते है।
उन्होंने कहा चाहे ब्रॉडगेज हो, इलेक्ट्रिफिकेशन हो, नई रेल गाडियों का संचालन हो या रेल यात्री सुविधाओं का विस्तार हो सांसद रहते हुए सांसद बनने के बाद जबलपुर की आवाज उठाते हुए कार्यकर्ताओ और जबलपुर की जनता के साथ संघर्ष किया, क्योंकि उस समय केंद्र में हमारी सरकार नहीं हुआ करती थी हमने अनेकों आंदोलन किए, पर जैसे ही 2014 में केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार बनी तो सारी योजनाओं को पंख लग गए और उसका परिणाम हुआ कि आज चित्र बदल गया है आज जबलपुर को कोई बड़ा गांव नही कहता है।
उन्होंने कहा जबलपुर का रेलवे स्टेशन जिसमे पहले सिर्फ 3 प्लेटफार्म हुआ करते थे जिनकी संख्या बाद में 3 और अब 6 हुई, जबलपुर ब्रॉडगेज कार्य धीमी गति से हो रहा था, नई ट्रेन नही थी यात्री सुविधाओं का अभाव था जबलपुर के मुख्य रेलवे स्टेशन के साथ ही जबलपुर से जुड़े छोटे स्टेशनों पर भी यही हाल था पर लगातार प्रयासों का परिणाम हुआ की योजनाएं पूरी हुई और उसका लाभ जनता को मिल रहा है।
उन्होंने कहा विगत 2 वर्ष पूर्व हमने जबलपुर में रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक कर जबलपुर के रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने का प्रस्ताव बनाने पर चर्चा की थी और पमरे द्वारा इसकी कार्ययोजना बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजी गई थी और सांसद रहते हुए मैंने प्रयास किया और उस समय स्टेशन के कायाकल्प हेतु 350 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत हुई जिस पर बाद में थोड़ा विलंब होने पर मैने रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव से भेंट की और उन्होंने तत्काल इसे स्वीकृत करने का निर्देश दिया और बाद में यह योजना और अधिक परिष्कृत रूप में बनी और अब 460 करोड़ की लागत से रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण का कार्य होने जा रहा है।
उन्होंने कहा जबलपुर का एयरपोर्ट 473 करोड़ की राशि से बन रहा है पर जबलपुर का रेलवे स्टेशन 460 करोड़ की राशि से नवीनीकरण और आधुनिकरण होने जा रहा है। जबलपुर के इस स्टेशन में सभी आधुनिक सुविधाएं तो होगी ही। स्टेशन शहर के दोनों किनारों को जोड़ते हुए ‘सिटी सेंटर’ के रूप में कार्य करेंगे। इसका बाहरी स्वरूप भेड़ाघाट और धुंआधार की तर्ज पर अत्यन्त सुन्दर बनाया जायेगा। इसमें 8 प्लेटफार्म होंगे, 30 लिफ्ट और 24 एक्सीलेटर बनने जा रहे है इसमें फूड कोर्ट, मल्टी लेवल पार्किंग, किड्स जोन एरिया भी होगा और इसके बनने के बाद जबलपुर का रेलवे स्टेशन मप्र का सबसे सुंदर और व्यवस्थित रेलवे स्टेशन होगा।
उन्होंने कहा जबलपुर में हो रहा है वह मप्र के अन्य शहरों में भी नही हो रहा। देश की दूसरी सबसे बड़ी और प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड, प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाई ओवर, देश का पहला जियोलॉजिकल पार्क, साइंस सेंटर का कार्य प्रारम्भ हो गया है। दो साल पहले जबलपुर के अंदर के यातायात तक के दबाव को देखते हुए जबलपुर में दो स्थानों पर रोपवे जो ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हिस्सा होंगे वह कार्य रूप में परणिनित हो रही है।



