नर्सिंग में इफेक्टिव कम्युनिकेशन स्किल्स है पाॅजिटिव थिकिंग

जिनसार में कम्युनिकेशन स्किल्स पर नेशनल वर्कशॉप का आयोजन
जबलपुर दर्पण। नर्सिंग के क्षेत्र में इफेक्टिव कम्युनिकेशन स्किल्स जैसे समर्पण, अनुशासन और मरीजों के साथ गहरी समझ बहुत मायने रखती है। शांत माहौल और विपरीत परिस्थितियों में भी नर्सिंग स्टाॅफ बेहतर संचार कौशल का प्रदर्शन कर मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल के लिए सौहार्द्रपूर्ण माहौल निर्मित करता है। यही कारण है कि अस्पतालों में आमतौर पर चिकित्सकों की तुलना में तीन से चार गुना ज्यादा नर्सें कार्यरत होती हैं और नर्सिंग स्टाफ ही रोगियों को ठीक करने में सहानुभूतिपूर्वक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं। उक्त बांतें जबलपुर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंसेस एंड रिसर्च, जिनसार में ”कॅम्युनिटी स्किल्स- अ की फैक्टर फाॅर माॅर्डन सोसायटी” विषय पर आयोजित नेशनल वर्कशॉप के दौरान अतिथियों ने कहीं।
मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर के वाॅइस चांसलर डाॅ एक के खंडेलवाल रहे, विषिष्ट अतिथि नितिन अग्रवाल, यतीन्द्र सिंघई और अध्यक्षता हितकारिणी सभा के वरिष्ठ सदस्य प्रो योगेशचंद उपरीत ने किया। प्रमुख वक्ताओं में देहरादून से प्रोे सुमन वशिष्ठ, मथुरा से प्रो सुधा गौतम, भोपाल से डाॅ रजनीश जैन और नरसिंहपुर से जोसिन्था राजू उपस्थित रहेे। समापन अवसर पर मप्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक डाॅ निपुण सिलावट, शासकीय नर्सिंग मेडिकल काॅलेज की प्राचार्य डाॅ स्टेला पीटर, जिला बाल संरक्षण समिति के सदस्य डाॅ मुकेश व्यास, एड विनीता शर्मा उपस्थित रहे। कार्यसाला में 500 से अधिक स्टुडेंट्स उपस्थित होकर कम्युनिकेशन में आने वाली समस्याओं का निवारण किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की शासी निकाय अध्यक्ष एवं हितकारिणी सभा की उप सभापति सुनयना पटेरिया, विद्या परिषद के सचिव जयेश राठौर, प्राचार्य डाॅ सपना दास, उप प्राचार्य प्रिंसी सजी, डाॅ अनूप तिवारी, प्रो सुरभि केहरी, आराधना, सारिका रतीश, संगीता पिल्लई, श्रीकांत त्रिपाठी सहित सदस्य उपस्थित रहे।



