मैं भी हूं लाडली: श्रीमती आरती सोनी

जबलपुर दर्पण। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में उपस्थित होकर मुझे अपने पुराने दिन की यादें ताजा हो गई है। मैं भी इस प्रदेश की लाडली हूं मैं भी जबलपुर की लाडली हूं। 19 साल की उम्र में जबलपुर छोड़कर मैं मास्को में वह जरूर रही हूं लेकिन मेरा ह्रदय जबलपुर के लिए धड़कता है। सदस्य के विचार व्यक्त करते हुए आरती सोनी प्रमुख संपादक विश्व दर्पण पत्रिका मास्को ने कहा कि बच्चों में कला और संस्कृति के विकास के लिए जितना विकास भारत में होता है उतना अन्य देशों में देखने को नहीं मिलता। बाल भवन में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में नई नई प्रतिभाओं से मिलने का मौका मिला इस हेतु में महिला बाल विकास एवं संभागीय बाल भवन के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करती हूं। डॉक्टर रेणु पांडे के मार्गदर्शन में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी में 50 बच्चों ने भाग लिया जिन्हें विश्व दर्पण पत्रिका मास्को द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागीय बाल भवन की बालिकाओं ने मोहिनी मोघे की कोरियोग्राफर में बुंदेली लोक नृत्य एवं मधुर सुना सुनाई दे गीत पर नृत्य की मोहक प्रस्तुति कुमारी मानसी गुप्ता कुमारी समाही गुप्ता कुमारी मिष्ठी विश्वास कुमारी अंकिता श्रीवास कुमारी निशिका शर्मा कुमारी गुमान पटेल ने दी। कार्यक्रम के आयोजन में डॉक्टर शिप्रा सुल्लेरे, मीना सोनी देवेंद्र यादव एवं सोमनाथ सोनी का विशेष योगदान रहा है। इस अवसर पर जबलपुर की लाडली आरती सोनी को गिरीश बिल्लौरे एवं स्टाफ द्वारा शॉल श्रीफल एवं लाडली प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया। कार्यक्रम में सम्मिलित बच्चों को विश्व दर्पण मास्को द्वारा उपहार भेंट किए गए।



