युवा कांग्रेस एवं कांग्रेस पार्षद दल द्वारा भाजपा एवं केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

जबलपुर दर्पण। पार्षद अमरीश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया है कि एस.बी.आई. की ओर से 22217 इलेक्टोरल बॉड बेचे गए है हर बॉड के पीछे एक घोटाला सामने आ रहा है. आज किस के विरोध में युवा कांग्रेस और कांग्रेस पार्षद दल द्वारा मालवीय चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया। दर्शन के दौरे वक्ताओ द्वार कहा गया कि चुनवी चंदे एवं पार्टी फंड के नाम से ऐसी कंपनिया जिनका शुद्ध लाभ 1 से 3 करोड़ के बीच में है उन्होंने डेढ़ सौ से दो सौ करोद तक के बॉड ख़रीदे है. ऐसी कई कंपनिया है जिन्होनें अपने शुद्ध मुनाफ़े की तुलना में कई गुना चंदा दिया या भाजपा पार्टी को फंडिंग की। सबसे ज्यादा चंदा देने वालो मे ऐसी कंपनिया है जिनपर केन्द्रीय जांच एजेंसी ई.डी. या सी.बी.आई. ने छापेमारी की और उसके बाद उन्होंने करोडो अरबो रुपये के बॉड ख़रीदकर पार्टी को लाभ पहुंचाया. 6 वर्षो के इलेक्टोरल बॉड होने के बावज़ूद सिर्फ पांच साल के आंकड़े दिये गये। एस.बी.आई. ने सभी बॉड डोनर का ख़ुलासा नहीं किया. डोनर फ़ाइल मे 18871 एन्ट्री है लेकिन प्राप्तकर्ता फ़ाइल मे 20421 एंट्री है यह फर्जीवाड़ा क्यों. भाजपा अपारदर्शी चुनाव बॉड की सबसे बड़ी लाभार्थी है. लगभग 61 सौ करोड़ अकेले भाजपा को मिले हैं इसमें वह अवधि शामिल नहीं है जिसके लिए डेटा नहीं दिया गया है। भाजपा ने उन कंपनियो से भरभरकर पैसा लिया है जिनके खिलाफत उसी की सरकार की ई.डी. सी.बी.आई. इनकम टेक्स छापे डाल रही थी. छापे के तुरंत बाद बॉड दिये गये है. ऐसी भी कंपनिया है जिनसे भाजपा ने चंदा लिया और उसके बाद सरकार ने उनको हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट दिये. भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने चुनावी बॉड को असंवैधानिक बताते हुए रद्ध कर दिया है. भाजपा की यह वसूली रकम भी तो गैरकानूनी है अगर यह भ्रष्टाचार नहीं तो क्या है. कांग्रेस द्वार हमेशा से अरोप लगया जा रहा है की भाजपा की केन्द्र सरकार केन्द्रीय जांच एजेंसियो का इस्तमाल भाजपा के लिए फंडिंग करती आ रही है. जो अब सिद्ध होता जा रहा है. कांग्रेस द्वारा हर वार्ड स्तर पर भाजपा सरकार के इस भ्रष्टाचार हर वार्ड स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।आज आयोजित विरोध प्रदर्शन मेरे मुखिया रूप से पार्षद अमरीश मिश्रा, पार्षद अयोध्या तिवारी, पार्षद अतुल बाजपेयी, पार्षद शगुफ्त उस्मानी गुड्डु नबी, पार्षद सत्येन्द्र चौबे, पार्षद हर्षित यादव, पूर्व पार्षद पंकज पांडे,मनीष नायक, महेश पटेल, रवि सैलानी, ml मोनू अग्रवाल, शिशिर नन्होरिया, शादाब अली, समर्थ अवस्थी, रामबल विश्वकर्मा, दीपक यादव, मिंटू पांडे, अभिषेक मौर्य, सिद्धांत जैन, राज विश्वकर्मा, सचिन बाजपेयी, शैंकी सोनकर, भानु यादव, अभिषेक सोनकर, अभिषेक मोर, कपिल भोजक, मुन्नू पंडा, रिजवान अली कोटी, जय ठाकुर, बादल पंजवानी, सोनू कुकरेले, यशु नीखरा, विनय कछवाहा, मेवालाल पटेल, नन्हें पटेल, आदेश चौबे, शक्ति चौकसे, पिल्लू गौतम, रूपेश पाठक, कार्तिक नामदेव, यशु बड़कुल, निर्भय डेहरिया, अपूर्व केशरवानी, जतिन सप्रे, राहुल पांडे, संदीप सोनी, नितिन सिंह, अमित विश्वकर्मा, अतुल साहू, अंकुर जैन, निखिल पांडे, साकेत श्रीवास्तव, आयुष गौर, साहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे.



