मध्यप्रदेश लघुवेतन कर्मचारी संघ का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश लघुवेतन कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के खिलाफ विरोध जताया गया है। संघ का कहना है कि शासन द्वारा चतुर्थ श्रेणी के नियमित पदों पर आउटसोर्स भर्ती के आदेश से प्रदेश में मध्यवर्गीय परिवारों के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है।
संघ के संभागीय अध्यक्ष विपिन पीपरे ने बताया कि राज्य सरकार के आदेश के तहत अब इन पदों पर भर्ती आउटसोर्स के माध्यम से होगी, जिससे प्रदेश के 8वीं और 10वीं उत्तीर्ण बच्चों को सरकारी नौकरी में प्रवेश की संभावना समाप्त हो रही है। इस व्यवस्था के तहत ठेका एजेंसियों द्वारा कार्यरत कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जाना भी एक आम समस्या बन चुकी है, जो कि कर्मचारियों के लिए काफी कठिनाई पैदा कर रहा है।
संघ ने इस आदेश का विरोध करते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया था, जिसके तहत 53 जिलों में ज्ञापन सौंपे गए। जबलपुर में यह ज्ञापन प्रदेश महामंत्री श्री अजय दुबे के नेतृत्व में कलेक्टर महोदय को सौंपा गया। ज्ञापन में सरकार से आउटसोर्स भर्ती के आदेश को वापस लेने की मांग की गई है, ताकि नियमित कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को पुनः सुसंगत और निष्पक्ष बनाया जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रांतीय सचिव सहदेव रजक, संभागीय प्रकोष्ठ अध्यक्ष वैद्यनाथन, जिला स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष रविंद्र राय, और अन्य कर्मचारी नेता भी उपस्थित थे। इस मौके पर बड़ी संख्या में कर्मचारी साथी मौजूद रहे, जिन्होंने इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए और इसे लेकर संघ के साथ समर्थन जताया।



