श्री कृष्ण की बाल लीला प्रसंग श्रवण कर मंत्रमुग्ध हुए भक्त

जबलपुर दर्पण। शिवशक्ति सेवा समिति एवं शांतम प्रज्ञा आश्रम के सयुंक्त तत्वाधान में गोहलपुर, चितरंजन वार्ड स्थित अग्रवाल लॉन में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमदभागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, आज कथा के छटवे दिन भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन आचार्य दिनेश गर्ग जी महाराज ने किये आचार्य गर्ग ने बताया कि भगवान की कृपा किस पर कब हो जाए कहां नहीं जा सकता वह पूतना राक्षसी भगवान को मारने की इच्छा से आई थी पर प्रभु ने उसके अवगुण ना देखकर केवल एक गुण देखा कि यह मां के जैसे कार्य कर रही है दूध पिलाना मां का कार्य जो अपनी मां यशोदा को गति देना थी वह गति पूतना राक्षसी को प्राप्त करा दी भगवान की अद्भुत कृपा सब भक्तों पर हो और दिव्य आनंद में कथा श्रवण कर जीवन को सुख में बनाने हेतु भागवत कथा का चिंतन मनन हम आप सभी को करना चाहिए.शकटासुर और तृणावर्त का उद्धार भी प्रभु ने किया। भगवान ने बाल लीलाओं के माध्यम से उन गोपियों को अनंत अनंत सुख प्रदान किया यह गोपिया कोई साधारण स्त्री नहीं यह देवलोक की कन्याएं , दंडकारण्य के बड़े-बड़े संत अनेक अनेक जन्मों की तपस्या के बाद गोपी बनकर उस ब्रृज में भगवान की कृपा प्राप्त कर रहे हैं, भगवान की माहती कृपा के अधिकारी गोप सखा भी हुए जिन्होंने तन मन न्योछावर किया था भगवान श्री कृष्ण ने अघासुर का भी उद्धार किया तत्पश्चात इंद्र का मान मर्दन भी किया भगवान गोवर्धन गिरि को उठा करके गिरधारी कहलाये, श्री कृष्ण ने प्रकृति और पर्यावरण का भी संदेश हम जनमानस तक पहुंचाया, पर्यावरण शुद्ध हो इसलिए समय-समय पर हमें पौधे -वृक्षों को रोपना चाहिए, इस कथा को अपने घर में श्रवण नहीं कर पा रहे थे, भगवान की माहती कृपा है, कथा का सीधा प्रसारण साधना सरोवर यूट्यूब चैनल पर किया जा रहा है. भागवत के पांचवे दिन गणेश पटेल, रुपेश पिंटू पटेल,नीलम पटेल,नवीन पटेल, सुनील पटेल, अभिषेक कोरी, प्रवीण नामदेव, नीलेश सोनी,प्रदीप मिश्रा, विनोद पटेल अन्य भक्तगण उपस्थित रहे।



