जबलपुर दर्पण

मॉडल, लघुनाटिका, स्वरचित गीत एवं प्रश्नमंच के माध्यम से जोन स्तरीय प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने दिखाया कौशल

जबलपुर दर्पण | जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्राचार्य अजय दुबे ने बताया कि राज्यशिक्षा केंद्र के निर्देश अनुसार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाईट द्वारा दो दिवसीय विज्ञान, गणित,पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन 28 एवं 29 जनवरी 2026 को डाईट परिसर में किया जा रहा है. आज दिनांक 28 जनवरी 2026 को प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक गहलोत के मुख्य आतिथ्य में माँ सरस्वती के पूजन, वंदना एवं दीपप्रज्वलन के साथ हुआ. मुख्य अतिथि श्री गहलोत ने जोन( संभाग) स्तर तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिलता है. छात्रों में स्वयं करके सीखने की जिज्ञासु प्रवृत्ति विकसित होती है. इस प्रकार के आयोजन विषय की कठिनता,नीरसता, रटने की प्रवृत्ति को दूर कर शिक्षण को रोचक, प्रभावी,क्रियाशील, एवं व्यवहारिक बनाते है.उन्होंने जोन(संभाग) स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए राज्य स्तर पर चयनित होने के लिए शुभकामनायें दी. प्रदर्शनी विज्ञान,गणित, पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान विषयों पर बनाए गए मॉडल,लघु नाटिका,एकल गीत और सेमिनार, विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की थीम पर आधारित है. शाला स्तर से चयनित छात्र-छात्राओं ने जनशिक्षाकेंद्र स्तर पर, जन शिक्षा केंद्र स्तर से विकासखंड स्तर पर एवं विकासखंड स्तर से जिला स्तर पर सहभागिता की. संभाग के आठ जिलों से चयनित 169 विद्यार्थी एवं 32 मार्गदर्शी शिक्षक जोन (संभाग) स्तरीय प्रदर्शनी में सहभागिता कर रहे है. प्रदर्शनी के आयोजन का प्रमुख उद्देश्य गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रोत्साहन, प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना,अवशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता का स्वस्थ जीवन के लिए महत्व पर आधारित सेमिनार,पर्यावरण संरक्षण से संबंधित स्थानीय एवं स्वरचित एकल गीत, नारी सशक्तिकरण,सोशल मीडिया के दुरुपयोग, स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक कुरीतियों में मुक्ति आदि पर आधारित लघु नाटिका, मॉडलों के माध्यम से छात्र-छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण के साथ मानवीय, सामाजिक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है. विद्यार्थियों द्वारा उत्साह पूर्वक सहभागिता कर विज्ञान, गणित,पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित प्रमुख रूप से आत्मनिर्भर भारत वोकल कॉर लोकल,आधुनिक कृषि, उभरती प्रौद्योगिकी,भारतीय लोकतंत्र, मतदान जागरूकता, लघु एवं कुटीर उद्योग,परिवार एवं समुदाय, मानव अधिकार, वायुमंडल, मिट्टी की परतें, हमारी पृथ्वी, सौरमंडल,जल संरक्षण,जल शुद्धि यंत्र, भूकंप, ज्वालामुखी, मनोरंजक, गणितीय गतिविधियां, प्रायिकता, पाइथागोरस प्रमेय, कोणों के प्रकार, भिन्न,वृत्त,गणित पार्क, संख्या रेखा,ज्यामिति आकृतियां, द्विविमीय, त्रिविमीय आकृतियां, संतुलित आहार, भोजन के स्रोत, पर्यावरण संरक्षण,अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक के विकल्प, हड़प्पा संस्कृति,सिंधु घाटी की सभ्यता,पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत आदि पर आधारित मॉडल बनाए गए. प्रदर्शनी में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी,डाईट प्राचार्य अजय दुबे,जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा,प्रदर्शनी प्रभारी सुनील शर्मा, सहायक प्राध्यापक वाय एन द्विवेदी, व्याख्याता केशव दुबे सहित डाइटस्टॉफ, अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में शिक्षक,छात्र उपस्थित रहे.

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